republic_dayनई दिल्ली,  गणतंत्र दिवस परेड में कल राजपथ पर देश की विराट सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक के साथ साथ पहली बार विदेशी सेना फ्रांस का मार्चिंग दस्ता भी भारतीय सैनिकों के साथ कदमताल करता नजर आया.

खुफिया एजेसियों के आतंकवादी हमलों के अलर्ट के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे. इस दौरान परेड स्थल और उसके आस पास के क्षेत्रों को अभेद्य किले में तब्दील किया गया. इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद मुख्य अतिथि थे.

फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इससे पहले भी चार बार गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में परेड के शोभा बढ़ा चुके हैं. परेड को रोमांचक तथा एक्शन से भरपूर बनाने के लिए इसमें 26 मिनट की कमी की गयी थी. जिसके कारण सेना तथा अद्र्ध सैनिक बलों के कुछ दस्तों तथा झांकियों में कमी की गयी थी.

परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और बाद में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने अमर जवान ज्योति जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति मुखर्जी के सलामी मंच पर आने के बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई.

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