मध्यप्रदेश की नयी राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने राज्य विधानसभा बजट सत्र का उद्घाटन अपने अभिभाषण से किया. यह उनका पहला उद्बोधन है. उन्होंने राज्य की चहुमुखी विकास व उपलब्धियों को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों से प्रदेश आज बिजली में आत्मनिर्भर है. गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे और कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली दी जा रही है.

इस समय बिजली क्षमता 18 हजार 43 मेगावट है जो आगामी वर्ष 2019 तक 20 हजार मेगावाट हो जायेगी. प्रदेश में बिजली ट्रांसमिशन हानियों का प्रतिशत 2.71 के स्तर पर आ गया है. जो देश में न्यूनतम है.

इसे प्रति वर्ष 2 से 3 प्रतिशत तक कम करने के प्रयास हो रहे हैं. इसी साल अक्टूबर तक सभी 35 लाख बिजली विहीन घरों में बिजली पहुंचा दी जायेगी.

रीवा में स्थापित की जा रही अल्ट्रामेगा सौर परियोजना को भारत सरकार द्वारा एक मॉडल परियोजना के रूप में देश के सामने रखा गया है. इसे विश्व बैंक प्रेसीडेंट का अवार्ड भी दिया गया है. इस परियोजना की बिजली ताप बिजली से सस्ती मिलेगी जो 2.97 प्रति यूनिट सौर बिजली होगी. किसानों को सिंचाई के लिये 10-15 प्रतिशत की कीमत पर सोलर पम्प दिये जा रहे हैं. अब तक 4000 सोलर पम्प लगाये गये हैं.

वर्ष 2017 पंडित दीनदयाल जन्मशताब्दी वर्ष के रूप में गरीब कल्याण को समर्पित रहा. राज्यपाल ने नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा अब नर्मदा सेवा मिशन बन गयी है.

आदि शंकराचार्य के एकात्म दर्शन को राज्य भर में यात्राओं से जन-जन तक पहुंचाया गया. ओंकारेश्वर में उनकी 108 फीट ऊंची अष्टï धातु की प्रतिमा उनकी सरकार स्थापित करेगी.

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