चेन्नई,

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए सभी दिशा-निर्देशों का अनुसरण किया गया है और इस सौदे को पारदर्शिता के साथ अंतिम रूप दिया गया है।यहां एक कार्यक्रम से इतर सुश्री सीतारमण ने संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही।

राफेल सौदे में विवाद को लेकर विपक्षी कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए वर्ष 2000 में ही बातचीत शुरू हो गयी थी, लेकिन 10 वर्षों तक सत्तासीन रही पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने बातचीत के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि श्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए सौदे पर हस्ताक्षर करने का एक बड़ा निर्णय लिया।

राफेल सौदे को सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के साथ ही पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए अंतिम रूप दिया गया।उन्होंने दोहराया कि मौजूदा राजग सरकार भ्रष्टाचार से मुक्त है और कांग्रेस इस पर उंगली उठाने की जी-जान से कोशिश कर रही है।

 

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