नयी दिल्ली,  केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने में किसी तरह की साजिश से इन्कार किया है और कहा है कि वह इस मामले में कोई भी सजा भुगतने को तैयार हैं।

सुश्री भारती ने उच्चतम न्यायालय द्वारा विवादित ढांचा गिराये जाने के मामले में उनके तथा भारतीय जनता पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के विरुद्ध आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाये जाने के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में किसी षडयंत्र का सवाल ही नहीं है ।

जो कुछ भी हुआ था, सब खुल्लमखुल्ला हुआ था। उन्होंने कहा कि वह राम मंदिर अभियान में भागीदार थीं और इसमें मन-वचन-कर्म से शामिल थीं । इस पर उन्हें गर्व है ।

सुश्री भारती ने कहा कि इसके लिए उन्हें खेद नहीं है और उन्होंने इसके लिए कभी माफी भी नहीं मांगी। उन्होंने कहा,“ राममंदिर में मेरी आस्था है और अयोध्या में भव्य मंदिर बनकर रहेगा।” सुश्री भारती ने कहा कि वह अयोध्या, गंगा और तिरंगे के लिए कोई भी सजा भुगतने को तैयार हैं ।

उच्चतम न्यायालय के आज के फैसले के मद्देनजर कांग्रेस द्वारा इस्तीफा मांगे जाने को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि अभी तक कोई अपराध प्रमाणित नहीं हुआ है । सुश्री भारती ने कहा कि आपात काल लगाने और सिख दंगों की दोषी कांग्रेस को उनसे इस्तीफा मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है । उन्होंने कहा कि वह आज रात अयोध्या जा रही हैं, जहां वह कल रामलला के दर्शन करेंगी ।

Related Posts: