जबलपुर,  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण में समग्र आईडी व पासबुक एकाउंट को अनिवार्य करने के साथ ही पीओएस मशीन की अनिवार्यता को चुनौती देने वाले मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया।
जस्टिस राजेन्द्र मेनन और जस्टिस एसके पॉलो की युगलपीठ ने मामले में केन्द्र सरकार खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव व राज्य सरकार के प्रमुख सचिव खाद्य आपूर्ति विभाग, ज्वाइंट डायरेक्टर, जबलपुर कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।

युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित की है। यह जनहित का मामला जन संगठन जय जबलपुर की युवा ईकाई के अध्यक्ष अपूर्व त्रिवेदी की ओर से दायर किया गया है। जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण में समग्र आईडी व पीओएस मशीन की अनिवार्यता को चुनौती दी गई है।

आवेदक का कहना है कि सरकारी आकड़ों के अनुसार अब तक मात्र 55 प्रतिशत लोगों की ही समग्र आईडी पोर्टल बन पाया है और शहर की 45 प्रतिशत जनसंख्या का उल्लेख अभी समग्र पोर्टल में नहीं किया जा सका है। इतना ही नहीं पीओएस की अनिवार्यता भी अवैधानिक है, क्योकि उस पर भी व्यवहारिक समस्याएं है, जिसमें विक्रेता का सत्यापन न कर पाना, नेटवर्किंग न मिलना व गलत डाटा प्रदर्शित करने की समस्याएं जिसे स्वयं इंदौर कलेक्टर ने स्वीकार किया है। आवेदक का कहना है कि उक्त अनिवार्यता से अनेक पात्र गरीब तबके के व्यक्ति राशन लेने से वंचित हो रहे है.

Related Posts: