pranab1नयी दिल्ली,   राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तीन अफ्रीकी देशों घाना, कोटे द आइवरी और नामीबिया की छह दिन की यात्रा के बाद आज स्वदेश लाैट आए। श्री मुखर्जी ने अपनी इस यात्रा के उपरान्त कहा कि उनकी यह यात्रा मात्र प्रतीकात्मक नहीं थी और उनकी यात्रा के लिए पश्चिम अफ्रीका के इन तीन देशों को अचानक नहीं चुना गया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अफ्रीका की यात्रा के बाद राष्ट्रपति के भी वहां जाने की संभावना थी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी इस माह दो अफ्रीकी देशों की यात्रा पर गए थे। श्री मुखर्जी ने अपनी यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार और आतंकवाद को समाप्त करने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयास की जरूरत पर बल दिया, जिसका अफ्रीकी नेताओं ने मजबूत समर्थन किया।

इन देशों के नेताओं ने भारत के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंध बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया और नामीबिया ने भारत यूरेनियम की आपूर्ति के लिए भारत के साथ किए गए समझौते को अमल लाने का फिर आश्वासन दिया।

घाना ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा के अधिक सस्ते स्रोतों की खोज के लिए असैन्य परमाणु क्षेत्र में भारत से सहयोग की अपेक्षा की। भारत घाना में टेमा ओर अक्सोम्बो के बीच 55 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण करेगा। इसके लिए एक्जिम बैंक चालीस करोड़ रुपये का कर्ज देगा। इस लाइन के शुरू होने पर घाना का मुख्य बंदरगाह उत्तरी इलाकों से जुड़ जाएगा जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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