awardनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने हिन्दी के प्रचार प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए 39 जाने माने विद्वानों, पत्रकारों तथा लेखकों को सम्मानित किया जिसमें दो विदेशी तथा दो प्रवासी हिन्दी सेवी भी शामिल हैं।

श्री मुखर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा के वर्ष 2012, 2013 तथा 2014 के ये सम्मान प्रदान किये।
इनमें से तीन हिन्दी सेवी प्रोफेसर पी विजयन, डॉ अमृता भारती तथा अमेरिका की श्रीमती ओम धींगरा सम्मान ग्रहण करने नहीं आ सकीं ।

समारोह में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री प्रोफेसर रमाशंकर कठेरिया, उच्च शिक्षा सचिव विनयशील ओबेराय, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा तथा संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ कमल किशोर गोएन्का एवं निदेशक प्रोफेसर नन्द किशोर पाण्डेय भी मौजूद थे।
राष्ट्रपति ने प्रत्येक हिन्दी सेवी को सम्मान स्वरूप एक लाख रुपये का चेक तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

सम्मान पानेवालों में जापान के श्री शिचिरो सोमा तथा चीन के प्रोफेसर ग फू फिंग भी शामिल हैं जिन्हें डॉ जार्ज ग्रियार्शन पुरस्कार दिया गया ।

श्री सोमा ने काशी हिन्दू विश्विद्यालय से हिन्दी में एमए किया है और वे काका कालेकर और फादर कामिल बुल्के के शिष्य भी रह चुके हैं।

श्री फिंग शियान इंटरनेशनल स्टडीज विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष तथा निदेशक भी हैं।

सम्मान पानेवालों में साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, हिन्दी के वरिष्ठ कवि एवं संत साहित्य के विशेषज्ञ बलदेव वंशी ,प्रसिद्ध लेखक नरेन्द्र कोहली धर्मयुग से जुड़े रहे मुम्बई नवभारत टाइम्स के स्थानीय संपादक प्रख्यात पत्रकार विश्वनाथ सचदेव , दिल्ली नवभारत टाइम्स से जुड़े पत्रकार एवं चर्चित कथाकार महेश दर्पण ,महत्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर जी गोपीनाथ दलित ,लेखक प्रोफेसर श्योराज सिंह बेचैन दिल्ली विश्यविद्यालय में हिन्दी विभाग के पूर्व अध्यक्ष सुरेश गौतम, कादम्बिनी के सहयोगी संपादक राजीव कटारा तथा रामचरित मानस का उड़िया में अनुवाद करनेवाले प्रोफेसर राधाकांत मिश्र, अमेरिका की डॉ सुषमा बेदी एवं कनाडा की श्रीमती स्नेह ठाकुर आदि शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने 11 लोगों को गंगाशरण सिंह पुरस्कार , छह छह लोगों को गणेश शंकर विद्यार्थी महापंडित राहुल सांकृत्यायन तथा आत्माराम पुरस्कार,सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार 5 को , जार्ज ग्रियार्शन पुरस्कार 3 को तथा दो लोगों को मोटूरी सत्यनारायण पुरस्कार दिए गए।