राष्टï्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने संसद के बजट सत्र का उद्घाटन करते हुए अपने अभिभाषण में मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समय भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) दर 7.4 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ती जा रही है. इस समय महंगाई दर उसके सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. पेट्रोल-डीजल के भावों में कुल मिलाकर 17 रुपये प्रति लीटर की कमी आयी है. महंगाई पर काबू करना सरकार की प्राथमिकता और वित्तीय अस्पर्शता…….. को खत्म करना भी है.
गत भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को रोकने के लिये हंगामे में खत्म हो गया था और सत्र के समापन के साथ ही मोदी सरकार ने उसे अध्यादेश से लागू कर दिया. अब उसी अध्यादेश को 6 माह के अन्दर संसद की अनुमति की बाध्यता में इस सत्र में लाया जायेगा और उस पर फिर सरकार और विपक्ष की ओर से संयुक्त रूप से विरोध होने के आसार हो गये हैं. आज ही जंतर-मंतर पर इसी अध्यादेश के विरोध पर एक लम्बे अर्से के बाद अन्ना हजारे फिर से धरना-प्रदर्शन के लिये मैदान में आ गये हैं. इसके पहले वे लोकपाल पर आकर जमे और अड़े थे, लेकिन मुम्बई धरने के बुरी तरह असफल होने के बाद वे ‘चुपÓ बैठ गये थे. अब वे फिर दिल्ली लौटे हैं.
इस भूमि अधिग्रहण के मसले पर राष्ट्रपति ने स्पष्टï तो कुछ नहीं कहा, केवल सांकेतिक भाषा में इतना कहा है कि इसमें कुछ बदलाव किये हैं जो किसानों के हित में हैं. लेकिन कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल तथा अन्ना हजारे उन बदलावों को किसान विरोधी बताकर प्रबल प्रचंड विरोध के लिये अड़ गये हैं. बजट सत्र में यह प्रमुख मुद्दा बनने जा रहा है. श्री मुखर्जी ने आशा व्यक्त की है कि बजट सत्र में सकारात्मक कार्य सम्पन्न होंगे. उन्होंने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं में सबसे प्रमुख शिक्षा का विकास है. जनधन योजना में भी रिकार्ड उपलब्धि हुई है और देश में 13 करोड़ से ज्यादा नए खाते खुले हैं. सरकार का लक्ष्य अंतिम आदमी तक मदद पहुंचाना है. स्वच्छ भारत का संकल्प तो 2019 तक सम्पूर्ण होगा, लेेकिन इस 5 साल की अवधि के बीच में ही अनेक उपलब्धियां प्राप्त हो जायेंगी. प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले से स्वाधीनता दिवस पर ‘स्वच्छ भारतÓ कार्यक्रम की घोषणा की थी और एक साल के अन्दर ही इसी वर्ष 15 अगस्त तक देश के सभी सरकारी स्कूलों में बालिकाओं और बालकों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बन जायेंगे. राष्टï्रपति ने सभी सांसदों से ‘स्वच्छ भारतÓ अभियान से जुडऩे का आव्हान किया है.
देश में कौशल विकास (स्किल) के लिये केन्द्र सरकार में एक नया मंत्रालय वापस किया जायेगा और देश में लाखों कुशल तकनीकी प्रशिक्षित युवा और लाखों रोजगार के अवसर पैदा किये जा रहे हैं. रेलों और रक्षा उत्पादन उद्योगों में देसी और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश जहां रेलों में आधुनिकतम विकास, रक्षा उपकरणों और आयुधों के उद्योग लगाने में बड़ी मात्रा में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत होगी और उनके लिये रोजगार के भरपूर अवसर सामने होंगे. महिला सुरक्षा के लिये ‘हिम्मतÓ नाम का ‘एपÓ लांच किया जा रहा है. सरकार का इरादा तमाम गैर जरूरी कानूनों को खत्म करना है.

वित्तीय मोर्चे पर राष्टï्रपति के अभिभाषण से ऐसा आभास होता है कि 28 फरवरी को प्रस्तुत होने जा रहे केन्द्रीय बजट में संभवत: नये टैक्स नहीं लगाये जायेंगे. राष्टï्रपति ने कहा है कि बिना टैक्स बढ़ाए टैक्स आय का दायरा बढ़ाया जायेगा. सरकार का मंत्र है सबका साथ-सबका विकास और उसका विश्वास है कि कम से कम शासन (मिनीमम) ही सबसे ज्यादा शासन (मेग्जिमम) शासन होता है.

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