राष्टï्रीय स्तर पर जन कल्याण की योजनाओं से राष्टï्र में प्रशासनिक एकरूपता का भी विकास होगा. देश में राजनैतिक लाभ के लिये भाषायी व क्षेत्रीय आधार की दलगत राजनीति का दौर चल पड़ रहा है. उसके दुष्प्रभाव को राष्टï्रीय योजनाओं से ही मिटाया या कम किया जा सकता है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे छोटे तबके के लोगों में जन धन योजना से एक आर्थिक चेतना का विकास किया है. मध्यप्रदेश में सीहोर जिले के शेरपुर गांव में फसल बीमा को भी राष्टï्रीय स्वरूप प्रदान किया है. इसमें राज्यों की विभिन्न फसल बीमा योजनाएं समाहित हो गयी और पूरे देश की कृषि भी राष्टï्रीय आधार पर संचालित होगी.

स्वच्छ अभियान से देश भर में स्वच्छता के प्रति झुकाव व लगाव का हो जाना देश की सबसे बड़ी उपलब्धि ही कहा जायेगा. खुले में शौच और हर जगह कचरा फेंकना लोगों की ऐसी आदत बन चुका है कि लोगों को वह महसूस ही नहीं होता था. वे उसे सामान्य व स्वाभाविक रूप में लेने लगे थे. दीर्घकाल से चली आ रही इस अवांछनीय जीवन शैली को नयी स्वच्छता की आदत में परिवर्तित होने में कुछ समय तो लगेगा लेकिन यह देश की सबसे बड़ी स्वमेव एक स्वास्थ्य व्यवस्था भी होने जा रही है.

अभी कुछ समय पहले तक देश भर में सरकारी अस्पतालों के जरिये स्वास्थ्य व्यवस्था व स्वास्थ्य प्रशासन चलता आ रहा था. सड़क, स्कूल और अस्पताल सरकार के ही बुनियादी काम रहे. लेकिन पिछले कुछ दशकों से एक ऐसा शासकीय और प्रशासनिक शिथिलता का दौर आया कि सभी सरकारी अस्पताल जिनमें शासकीय मेडिकल कॉलेजों के संबद्ध अस्पताल भी शामिल हैं- उनकी हालत बद् से बद्तर होती गयी और देश में निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम की बाढ़ आ गयी है. वे इतने खर्चीले होते हैं कि चाहे मरीज वहां से निरोगी होकर निकलता है, लेकिन आर्थिक रूप से दिवालिया ही हो जाता है. अधिकांश निजी अस्पतालों में जांचों के नाम पर न सिर्फ भारी-भरकम खर्चा थोपा जा रहा है बल्कि निजी डाक्टरों व पेथोलाजिस्ट की अनैतिक सांठगांठ से मरीज को ऐसे रोग बता दिये जाते हैं जो उसे होते ही नहीं हैं. उनका इलाज करने से उसे ‘साइड इफेक्टÓ हो जाने से वह बजाय निरोग करने के मरीज बनाया जाता है.

ऐसे में मोदी सरकार का यह विचार बहुत ही स्वागतयोग्य है कि लोगों के लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना बनायी जा रही है. जन-धन योजना की तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में जन-जन तक पहुंचने का लक्ष्य है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ‘हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीमÓ ला रहा है जिसमें 8 करोड़ परिवारों के 40 करोड़ लोगों को ‘हेल्थ कवरÓ दिया जायेगा. यह देश की तमाम मौजूदा योजनाओं की जगह ले लेगी, जिसमें राष्टï्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिये है. इनका 50 हजार रुपयों का सरकारी स्वास्थ्य बीमा होगा. वरिष्ठï नागरिकों के लिये इसमें विशेष ‘टाप अप पैकेजÓ की सुविधा दी जायेगी. यह राष्ट्रीय बीमा योजना ज्यादा बड़ी और व्यापक होगी. इसके लिये 23,415 करोड़ रुपयों का बजट प्रावधान रखा गया है.

वरिष्ठï नागरिकों के लिये 1000 करोड़ रुपयों का प्रावधान रहेगा. राष्टï्रीय स्वास्थ्य योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिये नेशनल हेल्थ एजेन्सी बनायी जा रही है. इस योजना का आधार ‘गरीबी रेखाÓ के लोग नहीं वरन् इसका आधार सामाजिक आर्थिक जनगणना है.

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