अब केवल औपचरिक घोषणा बाकी है अन्यथा श्री राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बन गये हैं. अध्यक्ष के चुनाव में केवल उन्हीं ने नामांकन भरा है और अब मतदान की जरूरत ही नहीं है. इस समय श्री राहुल गांधी पार्टी के उपाध्यक्ष हैं और उनकी माँ श्रीमती सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष हैं.

कांग्रेस के पूरे 132 साल के इतिहास में 1888 से 2017 तक केवल श्रीमती सोनिया गांधी का कार्यकाल सबसे लंबा 19 साल का रहा. वे 1998 से अभी दिसंबर 2017 तक लगातार पार्टी अध्यक्ष हैं.

श्रीमती सोनिया गांधी के कुशल नेतृत्व को ही यह श्रेय जाता है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में अक्टूबर 1999 से लेकर मई 2004 तक पूरे 5 साल चलीं प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को उसके एक टर्म के बाद 2004 के लोकसभा चुनावों में हराकर कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए की सरकार प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बना ली.

इससे भी बड़ी खूबी यह रही कि कांग्रेस ने लोकसभा के चुनावों में पुन: विजय पाकर दूसरे टर्म भी यूपीए की सरकार चलाई. इस तरह कांग्रेस श्रीमती सोनिया गांधी के सशक्त नेतृत्व में लगातार पूरे 10 साल 22 मई 2004 से 25 मई 2014 तक सत्ता में रहीं. उनकी 19 साल की अध्यक्षता में पार्टी 10 साल सत्ता में रही.

वे किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं. उनके आपरेशन भी हो चुके हैं इसलिये स्वास्थ्य की दृष्टि से वे स्वयं, उनका परिवार व पार्टी भी इस मत पर पहुंची है कि उन्हें अध्यक्ष पद की रोज की जिम्मेवारी से मुक्त रखा जाये, वैसे उनका व श्री मनमोहन सिंह का मार्गदर्शन तो पार्टी पर सतत् रहेगा.

इसी बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता श्री प्रणव मुखर्जी भी राष्टपति पद से मुक्त होकर पार्टी को नेतृत्व दे रहे हैं. श्रीमती सोनिया गांधी, श्री मनमोहन सिंह व श्री प्रणव मुखर्जी से आशीर्वाद लेकर ही श्री राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरने गये थे.

खासकर भारतीय जनता पार्टी और उनके नेता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी श्री राहुल गांधी के इस चुनाव को ”वंशवाद” कह रहे हैं कि श्रीमती सोनिया गांधी के बाद उनके बेटे को ही पार्टी अध्यक्ष बनाया जा रहा है.
लेकिन यथार्थ यह है कि यह नेहरू-गांधी परिवार आजादी के लड़ाई के जमाने से कांग्रेस के प्रति पूरी तरह समर्पित परिवार है.

इस बार माँ के बाद बेटा पार्टी अध्यक्ष बना है. इसी तरह 1928 में पंडित मोतीलाल नेहरू पार्टी अध्यक्ष थे और 1929 में उनके बेटे पंडित जवाहर लाल नेहरू पार्टी अध्यक्ष बने. इसी तरह श्रीमती इंदिरा गांधी 1978 से 1983 तक पार्टी अध्यक्ष थीं और उनके बाद सन् 1984 में श्री राजीव गांधी पार्टी अध्यक्ष बने.

श्रीमती सोनिया गांधी 1998 से अब 2017 तक पार्टी अध्यक्ष हैं. इस परिवार में कांग्रेस अध्यक्ष पद पर 1919 और 1928 में पंडित मोतीलाल नेहरू दो साल, 1929-1936-1937-1946 और 1951 से 1954 तक पंडित जवाहर लाल नेहरू 9 साल और 1958 से 1963 तक श्रीमती इंदिरा गांधी 6 साल, श्री राजीव गांधी 1984 से 1990 तक 7 साल और श्रीमती सोनिया गांधी 1998 से अभी 2017 तक 19 साल रिकार्ड कांग्रेस अध्यक्ष पद पर हैं.

यह वंशवाद नहीं कहा जा सकता. यह इस परिवार का कांग्रेस को समर्पण भाव है.आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के दो केंद्र होते थे. एक जहां गांधी जी रहते थे- अहमदाबाद का साबरमती आश्रम और वर्धा आश्रम. दूसरा केंद्र इलाहाबाद का स्वराज भवन था जो पंडित मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस को दे दिया था और आजादी के पूरे संघर्ष से स्वराज भवन ही कांग्रेस का केंद्रीय मुख्यालय था.

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