rahulनई दिल्ली/गुवाहाटी,  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नेशनल हेरल्ड मामले को लेकर पीएमओ पर दो दिन में दूसरी बार हमला बोला है. नेशनल हेरल्ड के एक गैर-लाभकारी संगठन होने और इससे एक पैसा भी नहीं लिए जा सकने की बात कहते हुए राहुल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि इस मामले में कानूनी प्रक्रियाएं प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा संचालित की जा रही हैं.

पत्रकारों ने जब राहुल से पूछा कि क्या नेशनल हेरल्ड का मामला बदले की राजनीति का नतीजा है, इस पर उन्होंने दावा किया, इसका संचालन प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किया जा रहा है. राहुल ने कहा, न्यायिक प्रणाली में हमारा भरोसा है और हम इसका आदर करते हैं. इसमें एक कानूनी प्रावधान है. यह गैर-लाभकारी संगठन है और इससे एक भी पैसा नहीं लिया जा सकता.

संसद की कार्यवाही में बाधा बन रहे कांग्रेस के प्रदर्शनों पर राहुल ने कहा, जहां तक संसद में गतिरोध की बात है, यह छवि पेश करने की कोशिश की जा रही है कि हम जीएसटी के मुद्दे में दिलचस्पी नहीं ले रहे. हमने सरकार से कह दिया है कि तीन मुद्दों पर उनसे हमारे मतभेद हैं.

साल 2016 के असम विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर राज्य में लगातार चौथी बार सरकार बनाने का भरोसा जताते हुए राहुल ने कहा कि पार्टी दिखाएगी कि असम में कौन जीतेगा.

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और कांग्रेस जीतेंगे. हमने बिहार में विरोधियों को मात दी है.

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस बिहार की तर्ज पर असम में भी महागठबंधन बनाएगी, इस पर राहुल ने कहा, तरुण गोगोई और अंजन दत्ता (असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष) प्रभार में हैं और वे फैसला करेंगे.