श्री राहुल गांधी 16 दिसंबर 2017 को 132 साल से चले आ रहे कांग्रेस संगठन के सबसे युवा 47 साल की आयु में इसके अध्यक्ष बन गये. 1885 में गठित इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष श्री व्योमेश (उमेश) चंद्र बनर्जी थे. अभी तक सबसे कम उम्र कांग्रेस अध्यक्ष 1971 में बने आंध्रप्रदेश के नेता श्री डी. संजीवैय्या थे, जो उस समय 52 वर्ष के थे.

श्री राहुल गांधी ने अपना पदभार अपनी मां कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से ग्रहण किया. जिन्होंने कांग्रेस में 19 साल तक लगातार पार्टी अध्यक्ष रहने का रिकार्ड बनाया है. उन्होंने स्वास्थ कारणों से यह घोषणा भी की है कि वे रिटायर हो रही है.

तुरन्त ही कांग्रेस के नेताओं ने यह स्पष्टीकरण भी दिया कि वे केवल अध्यक्ष पद से रिटायर हुई हैं लेकिन राजनीति या पार्टी से रिटायर नहीं हुई हैं. इस समय उत्तरप्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद हैं और कांग्रेस के लोकसभा-राज्यसभा सांसदों के संयुक्त संसदीय दल की नेता हैं.

ऐसा अनुमान हो रहा था कि 2019 में आने वाले लोकसभा के आम चुनावों में लोकसभा चुनाव न लड़े. लेकिन उनकी बेटी श्रीमती प्रियंका गांधी- वाड्रा ने भी यह कह दिया है कि अगला लोकसभा चुनाव रायबरेली से श्रीमती सोनिया गांधी ही लड़ेंगी और वे संसदीय जीवन से रिटायर नहीं हो रही हैं.

श्रीमती सोनिया गांधी अभी तक नेहरू-गांधी परिवार से 5वीं कांग्रेस अध्यक्ष थीं. इससे पहले 1919 और 1928 में पंडित मोतीलाल नेहरू, 1936-37-46-51-52-53 में पंडित जवाहर लाल नेहरू, 1978 से 1983 तक श्रीमती इंदिरा गांधी, 1984 में श्री राजीव गांधी और 1998 से 2017 तक श्रीमती सोनिया गांधी 19 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं और अब इस परिवार से 6ठवें अध्यक्ष के रूप में श्री राहुल गांधी गांधी आये हैं.

श्रीमती सोनिया गांधी कांग्रेस की पांचवीं महिला अध्यक्ष रहीं. पहली 1917 में श्रीमती ऐनी विसेन्ट, 1925 श्रीमती सरोजनी नायडू, 1933 में श्रीमती नल्ली सेन गुप्ता और 1978-88 में श्रीमती इंदिरा गांधी रहीं. श्रीमती सोनिया गांधी जो इटालियन मूल की विदेशी रहीं वहीं उनसे पहले श्रीमती ऐनी विसेन्ट और श्रीमती नल्ली सेन गुप्ता भी विदेशी मूल ब्रिटिश रहीं.

श्री राहुल गांधी उस समय कांग्रेस अध्यक्ष बने हैं जब उन्हें कांग्रेस के सामने एक बड़ी राजनैतिक चुनौती भारतीय जनता पार्टी से मिली हुई है. उन्हें केन्द्र व कई राज्यों में कांग्रेस को पुन: सत्ता में लाना है. इस समय 5 राज्यों में हिमाचल, कर्नाटक, मिजोरम, पंजाब और नागालैंड में कांग्रेस सरकार है. अगले साल 2018 में कर्नाटक विधानसभा के आम चुनावों के साथ अन्य कई राज्यों में भी चुनाव होना है.

कांग्रेस ने हाल ही में पंजाब में अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी की साझा सरकार श्री प्रकाश सिंह बादल सरकार को ऐसी बुरी तरह परास्त किया कि वह इस समय विधानसभा में तीसरी और भारतीय जनता पार्टी काफी कम संख्या में होकर चौथी स्थिति में आ गयी.

ऐसी ही चुनौती कांग्रेस को 1977 में श्री जयप्रकाश नारायण और उनके द्वारा चुनाव आ जाने की जल्दबाजी में गठित जनता पार्टी से मिली थी. जब कांग्रेस पूरे उत्तर व पश्चिम भारत के राज्यों से व केन्द्र से पूरी तरह साफ हो गयी.

तब प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी भी उनके लोकसभा क्षेत्र रायबरेली से जनता उम्मीदवार राजनारायण से हार गयी. लेकिन श्री जयप्रकाश नारायण की मृत्यु के बाद जल्दबाजी में बनी जनता पार्टी भी सम्मिलित पार्टियों में राजनैतिक एकता न होने से खुद ही विघटित होकर उसकी केंद्र सरकार 1980 में गिर गयी.

श्रीमती इंदिरा गांधी ने इस राजनैतिक स्थिति में तीन साल में 1980 में कांग्रेस को स्वयं के बहुमत से केंद्र में सत्ता में ले आयी और सभी राज्यों में जहां वह सत्ता से हट गयी थी, पुन: सत्ता में ले आयी. श्री राहुल गांधी को कांग्रेस को पुन: राजनैतिक गरिमा शक्ति व शासन में लाने का दायित्व व चुनौती उनके सामने है.

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