Supreme-Courtनयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने आपराधिक मानहानि के एक मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से आज कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को जिम्मेदार ठहराने वाले अपने बयान पर या तो वह खेद जतायें या मुकदमे का सामना करें।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “राहुल गांधी अगर अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगना चाहते हैं तो फिर उन्हें निचली अदालत में मुकदमे का सामना करना चाहिए। अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा तो उन्हें मुकदमे का सामना करना चाहिए।” पीठ ने यह टिप्पणी निचली अदालत में चल रहे मुकदमे को रद्द करने की श्री गांधी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए की।

श्री गांधी ने महात्‍मा गांधी की हत्‍या के लिए आरएसएस को जिम्‍मेदार ठहराया था। न्यायालय ने कहा कि राहुल गांधी को इस बात का सबूत देना होगा कि यह बयान जनहित में दिया गया। मुकदमे का फैसला इस गुण-दोष पर होना चाहिए कि यह बयान आम लोगों के हित में था या नहीं। पीठ ने कहा, “आप पूरे संगठन को इस तरह बदनाम नहीं कर सकते।” न्यायालय ने श्री गांधी को इस मामले में 27 जुलाई तक विस्‍तार से अपना पक्ष रखने को कहा है।

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