michalरियो डि जेनेरो,  अपने पांचवें और अंतिम ओलंपिक में खेल रहे विश्व के सर्वश्रेष्ठ तैराक अमेरिका के माइकल फेल्प्स ने रियो में अपने पांचवें और ओलंपिक में रिकार्ड 23वें स्वर्ण पदक के साथ इन खेलों को अलविदा कह दिया।

रियो खेलों के बाद संन्यास की ओर ईशारा कर चुके 31 वर्षीय फेल्प्स जब ट्रायल हीट में उतरे थे तब उन्होंने हाथ से पांच का इशारा किया था।

उस समय खुद फेल्प्स को भी शायद अंदाजा नहीं होगा कि वह पांचवें और अंतिम ओलंपिक में पांच स्वर्ण जीत कर शानदार विदाई लेंगे।

उन्होंने रियो में अपनी आखिरी चार गुणा 100 मीटर मेडले रिले स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर कॅरियर में ओलंपिक स्वर्ण पदकों की कुल संख्या को 23 तक पहुंचा दिया।

इस शानदार रिकार्ड के बाद फेल्प्स ने कहा “पूल में आखिरी बाद उतरते समय मुझे लगा कि मैं रो ही दूंगा।

आखिरी वार्मअप, आखिरी बार स्विम सूट पहनना, आखिरी बार अपने देश के हजारों लोगों के सामने पूल में उतरना।

मैं इसी तरह से अपने कॅरियर का समापन करना चाहता था।

” रियो में फेल्प्स का यह पांचवां स्वर्ण पदक रहा।

उन्होंने तैराकी की चार गुणा 100 मीटर फ्री स्टाइल रिले टीम, 200 मीटर बटरफ्लाई, चार गुणा 200 मीटर फ्री स्टाइल, 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले और चार गुणा 100 मीटर मेडले रिले में स्वर्ण हासिल किया।

इसके अलावा उन्होंने 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में रजत पदक अपनी झाेली में डाला।

इसके साथ ही सिमोन मैनुअल की अगुवाई में अमेरिकी महिला टीम ने भी अपना दबदबा कायम रखते हुए चार गुणा 100 मीटर रिले में स्वर्ण पर कब्जा जमा लिया।

यह अमेरिका का 1000वां ओलंपिक स्वर्ण पदक है।

इस स्पर्धा में आस्ट्रेलिया ने रजत जबकि डेनमार्क ने कांस्य पदक हासिल किया।
सिमोन ने इसके साथ ही 50 मीटर फ्री स्टाइल में रजत पदक हासिल किया।