रिटायरमेंट जीवन का ऐसा प्रमुख हिस्सा है जिसके लिए लोग काम करते समय ही बचत करना आरंभ कर देते हैं। लेकिन जब आप काम से रिटायरमेंट का प्लान बनाए तो उस समय आर्थिक रूप से भी रिटायर होने का मन बना लेना चाहिये। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए कई योजनाएं और विकल्प मौजूद हैं। सभी की विभिन्न खूबियां है,

निवेश मुद्रास्फीति को मात दे: रिटायरमेंट प्लानिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है यह सुनिश्चित करना कि आपका निवेश मुद्रास्फीति को मात देता हो क्योंकि महंगाई समय के साथ आपके धन का मूल्य खत्म कर देती है…ऐसा मुद्रास्फीति के कारण होता है, इसे आसान शब्दों में कीमतों के स्तर में आम वृद्धि के रूप में समझा जा सकता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपका रिटायरमेंट प्लान आपको वास्तविक लाभ प्रदान करे यानी ऐसे लाभ जोकि मुद्रास्फीति का सामना करने में सक्षम हों।

अनुपूरक: आपका प्लान आपकी मौजूदा रिटायरमेंट बचत का अनुपूरक होना चाहिये। यदि आपने कंजरवेटिव इंस्ट्रूमेंट में ज्यादा निवेश कर दिया है तो आपका रिटायरमेंट प्लान ज्यादा जोखिम और लाभ वाले इंस्ट्रूमेंट पर फोकस होना चाहिए।

अपने और अपने पार्टनर के लिए पेंशन गारंटी: रिटायरमेंट ऐसा लक्ष्य है जिसे आप अपने जीवनसाथी के साथ साझा करते हैं। रिटायरमेंट प्लान का मूल्यांकन करते समय एक प्रमुख कारक पर अवश्य ध्यान देना चाहिये। ध्यान रखें कि यह पॉलिसीधारक की असमय मौत होने की स्थिति में पॉलिसी को समाप्त करने और आपके जीवनसाथी के लिए पेंशन की गारंटी देता हो। रिटायरमेंट प्लान ऐसा होना चाहिये जो आपकी एवं आपके जीवनसाथी दोनों की जरूरतों को पूरा करता है। अच्छा प्लान वही है जो आपके न रहने पर भी आपके पार्टनर को अच्छी जिंदगी प्रदान करे।

लाभ और बोनस: इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके द्वारा लिया गया रिटायरमेंट प्लान कौन-कौन से अतिरिक्त फायदों और बोनस की पेशकश करता है। उदाहरण के लिए, पॉलिसीधारक की असमय मौत होने की स्थिति में, कुछ प्लान द्वारा जीवनसाथी के लिए प्रीमियम भुगतान पूरा करने के विकल्पों की पेशकश की जाती है। जब आप इस दुनिया में नहीं होंगे तब भी आपके लक्ष्य वही रहेंगे। देखना चाहिये कि क्या रिटायरमेंट प्लान पॉलिसी अवधि में लॉयल्टी बोनस का लाभ प्रदान करता है। इससे आपकी सेवानिवृत्ति के लिए बड़ी पूंजी को जमा करने में मदद मिलेगी।

लचीलता: सबसे बेहतर होता है कम उम्र में ही रिटायरमेंट प्लान में निवेश आरंभ कर दिया जाये। हालांकि, समय के साथ अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है क्योंकि कॅरियर में विकास से आपकी आय में बढ़ोतरी होती है। कुछ प्लान प्रतिवर्ष टॉप-अप्स के माध्यम से प्रीमियम बढ़ाने की लचीलता प्रदान करते हैं। यदि 25 वर्षों तक प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत टॉप-अप बढ़ाया जाये तो रिटायरमेंट कॉर्पस में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हो जायेगी।

आय के निश्चित विकल्प: इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि व्यक्ति कितनी बचत करता है, क्योंकि कई ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब इंसान की सारी पूंजी खत्म हो जाती है। इसलिए आपको हमेशा कुछ निश्चित आय लेकर चलना चाहिये। इस कारण, ऐसे एन्युटी उत्पादों का चयन करें जो आपको सेवानिवृत्ति के बाद पूरी जिंदगी निश्चित आय प्रदान करते हैं।

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