spo1नयी दिल्ली,  विवादास्पद एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता पिंकी प्रमाणिक ने लिंग विवाद को पीछे छोड़ कर आठ वर्ष बाद ट्रैक पर फिर वापसी की है और इस बार उनका एकमात्र लक्ष्य रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना है.

30 वर्षीय पिंकी ने लंबे अर्से में पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट फेडरेशन कप में हिस्सा लिया और महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में सातवें स्थान पर रहीं. उन्होंने पश्चिम बंगाल की तरफ से उतरते हुये फाइनल्स में 12.33 सेकेंड का समय निकाला और सातवें स्थान पर रहीं. वह यहां जरूर पदक जीतने में सफल नहीं रहीं लेकिन आठ साल बाद उनकी ट्रैक पर वापसी उनके लिये किसी पदक से कम नहीं है. पिंकी 100 मीटर के अलावा 400 मीटर और 800 मीटर दौड में भी हिस्सा लेंगी.

उन्होंने कहा, मेरा लक्ष्य रियो ओलंपिक में चार गुणा 400 मीटर के लिये क्वालीफाई करना है और मैंने टीम में शामिल होने के लिये भारतीय एथेलेटिक्स महासंघ और मुख्य कोच बहादुर सिंह से अपील की है. मैं राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेना चाहती हूं. पिंकी ने वर्ष 2006 में कोलंबों में हुये एशियाई खेलों में 400 मीटर,800 मीटर और चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था. वर्ष 2012 में उनकी एक महिला मित्र ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुये उनके लिंग परीक्षण की मांग की थी. हालांकि बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिंकी को दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों से बरी कर दिया था.

एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता ने इन आरोपों को बेहद दुखद बताते हुये कहा कि वह इससे बेहद निराश थीं. यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था लेकिन उन्हें खुद के निर्दोष होने का भरोसा था.

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