anjaliमुंबई,  पूर्व नंबर एक महिला राइफल निशानेबाज अंजलि भागवत का मानना है कि स्टार निशानेबाज अभिनव बिंद्रा में दबाव झेलने की अद्भुत क्षमता है और वह रियो ओलंपिक में एशियाड का करिश्मा दोहरा सकते हैं।

देश को ओलंपिक के इतिहास में एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाने वाले बिंद्रा ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में घोषणा की थी कि वह उसके बाद एशियाई खेलों से संन्यास ले लेंगे और अगले दिन ही उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया था।

तीन बार की ओलंपियन महिला निशानेबाज अंजलि ने गुरूवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा“बिंद्रा ने जो एशियाई खेलों में किया था वह वही कारनाम रियो में भी कर सकते हैं। एशियाड में संन्यास की घोषणा के 24 घंटे बाद उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था और अब रियो के लिये भी उन्होंने कहा है कि यह उनके आखिरी ओलंपिक होंगे। मुझे लगता है कि वह एशियाड जैसी उपलब्धि रियो में दोहरा सकते हैं।”

उल्लेखनीय है कि बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था और उन्हें रियो ओलंपिक के लिये भारतीय दल का ध्वजवाहक भी बनाया गया है। बिंद्रा इसके साथ ही रियो के भारतीय दल के सद्भावना दूत भी हैं।

रियो में उतरने जा रहे 12 भारतीय निशानेबाजों से पदक संभावनाओं के बारे में पूछने पर अंजलि ने कहा“ 2012 के लंदन ओलंपिक के बाद निशानेबाजी में सारे नियम बदल गये। अब मुकाबला पहले से अधिक मुश्किल हो गया है। पिछले चार वर्षों से हमारे पास ऐसा कोई निशानेबाज नहीं रहा है जिसने प्रदर्शन में निरंतरता दिखाई हो। यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि निशानेबाजी में कितने पदक मिलेंगे। पदक जीतने के लिये मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है।”

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