rio_2016रियो डी जेनेरो,  ब्राजीली प्रशासन की सात वर्षों की कड़ी मेहनत, दुनियाभर के दिग्गज एथलीटों के जीवनभर के सपने और अलग अलग देशों के रंग तथा संस्कृति से सराबोर खेलों का महाकुंभ रियो डी जेनेरो में सज गया है जो अब पूरे विश्व को अगले कुछ दिनों तक ‘खेल और खेल भावना’ से अपने आगोश में लेने को तैयार है.

दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन ओलंपिक की मेजबानी कर रहे ब्राजील के रियो डी जेनेरो में पांच से 21 अगस्त तक 31वें ओलंपिक खेलों को आयोजित किया जाएगा जिसका उद्घाटन समारोह माराकाना स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शनिवार को सुबह साढ़े चार बजे से शुरू होगा. दक्षिण अमेरिका में पहली बार आयोजित हो रहे इन खेलों में 11 हजार एथलीट पदकों पर दांव लगाने उतरेंगे.

जितना ये खेल एथलीटों और उनके सपनों को पूरो करने के लिहाज से अहम है उतना ही यह देश के प्रशासन और आयोजिकों के लिये भी यह किसी परीक्षा से कम नहीं है जिनकी पिछले सात वर्षों की मेहनत दुनियाभर के आलोचकों द्वारा उस एक पल में आंकी जाएगी जो इन खेलों की हर बारीकी पर नजर लगाये हुये हैं. आयोजकों का मानना है कि ये खेल और उनकी मेहनत निश्चित ही उन सभी संदेहों को समाप्त कर देंगे जो पिछले कुछ वर्षों से इससे जुड़ी रही हैं.

ब्राजील में खेलों को लेकर प्रदर्शन, आर्थिक तंगी और इस कारण से अर्थव्यवस्था का पटरी से उतर जाना, भारी निर्माण के कारण खाड़ी में फैली जानलेवा गंदगी और फिर ब्राजील में फैले जीका वायरस के कारण स्वास्थ्य को लेकर चिंता रियो ओलंपिक खेलों से जुड़े कुछ विवाद रहे हैं जिन्होंने इन खेलों की साख को काफी हानि पहुंचाई है.

हालांकि खेलों की सुरक्षा में व्यापक पैमाने पर लगाई गई पुलिस और सुरक्षाबल की व्यवस्था के चलते उम्मीद यही है कि प्रदर्शनकारियों की संख्या कुछ हजार तक ही होगी लेकिन उनके विरोध से खेलों के सबसे बड़े आयोजन की चमक फीकी होने के साथ ब्राजीली प्रशासन की काफी किरकिरी हो सकती है.

ब्राजील की एक स्थानीय पत्रकार और प्रदर्शन में हिस्सा ले रही मैनुएला त्रिनिदादे ने तो ओलंपिक खेलों को देश के लिये आपदा तक बता दिया. उन्होंने कहा हम अपना गुस्सा तेमेर के खिलाफ दिखाएंगे. हम उन्हें सत्ता से बाहर देखना चाहते हैं. वह एक चोट की तरह हैं. हम नहीं चाहते कि लोग इस सरकार को स्वीकार कर लें.

इस बीच ब्राजीली मीडिया की मानें तो अधिकारी राष्ट्रपति तेमेर के भाषण को उद्घाटन समारोह में संक्षिप्त रखने की योजना बना रहे हैं ताकि लोगों को उनका विरोध करने का अधिक मौका न मिल सके तथा इसके बाद तेज संगीत से प्रदर्शनकारियों की आवाजों को दबा दिया जाए. तेमेर ने भी कहा वह हूटिंग के लिये तैयार हैं.

ओलंपिक खेलों का यह आयोजन न केवल एथलीटों बल्कि आयोजकों के लिये भी किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं. खेलों में आखिरी समय तक तैयारियों का दौर जारी है, जहां कुछ एथलीटों के हाउसिंग काम्पलैक्स ही पूरी तरह से तैयार नहीं हैं तो कुछ दिन पहले आस्ट्रेलियाई एथलीटों की इमारत में आग की घटना ने फिर से खराब व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी.

आयोजक भले ही एथलीटों को बेहतर सुविधाओं का दम भर रहे हों लेकिन यह बात भी सच है कि यहां के नागरिकों को इस बड़े आयोजन और उसमें लगने वाले भारी खर्चे के कारण आधारभूत सुविधाओं से ही वंचित रहना पड़ा है. खेलों के मेजबान शहर रियो में साफ सफाई और परिवहन की आम सी सुविधा ही मुहैया नहीं है और भारी वित्तीय निवेश और राजस्व घाटे ने इस देश के लोगों के भविष्य को अधर में डाल दिया है.

ब्राजील ने वर्ष 2009 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल की थी और उस समय देश की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत थी. लेकिन वर्ष 2016 में देश वित्तीय संकट और मंदी के दौर से गुजर रहा है जबकि खेलों से ठीक पहले ब्राजील के राजनीतिक संकट ने भी एक नकारात्मक संदेश दिया है. राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ के महाभियोग के कारण अंतरिम राष्ट्रपति माइकल तेमेर उद्घाटन समारोह में शिरकत करेंगे.

मेजबान देश के खराब हालातों का जायजा इसी से लगाया जा सकता है कि आयोजक पहले ही इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि उद्घाटन समारोह बहुत व्यापक पैमाने पर नहीं किया जाएगा. लेकिन इसमें ब्राजील के रंग, उसका नृत्य-संगीत और संस्कृति की झलक जरूर देखने को मिलेगी. भले ही आयोजन तड़क भड़क और महंगे कलाकारों से भरा न हो लेकिन दर्शकों को उम्मीद है कि ब्राजील का सांबा डांस और यहां के लोगों की जिंदादिली जरूर तीन घंटे तक चलने वाले इस उद्घाटन समारोह में चार चांद लगा देगी.

पिछले सभी विवादों और आलोचनाओं को भूल जाएं तो उम्मीद यही है कि खेल भावना अगले कुछ दिनों तक संपूर्ण ब्राजील और दुनियाभर में शांति, एकता, सौहार्द और खेलों का संदेश देगी.

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