sat-2श्रीहरिकोटा,   भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज एक और मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुये दूर संवेदी उपग्रह रिसोर्स सैट-2ए को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया। इसरो का ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी36 ने सुबह 10.25 बजे यहाँ सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले प्रक्षेपण पटल से उड़ान भरी तथा 17 मिनट 52 सेकेंड में उपग्रह को उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया। यह पीएसएलवी की 38वीं तथा 37वीं लगातार सफल उड़ान थी।

जैसे ही रिसोर्ससैट-2ए पीएसएलवी के चौथे चरण से अलग हुआ तथा उसके सौर पैनलों ने काम करना शुरू कर दिया इसरो के अध्यक्ष ए.एस. किरण कुमार ने सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रिसोर्ससैट-2ए से देश के त्रिस्तरीय इमेजिंग डाटा में निरंतरता आयेगी जो भूमि तथा जल के बेहतर प्रबंधन में काफी उपयोगी होगा। डाॅ. कुमार ने कहा “प्रक्षेपण बिल्कुल सटीक रहा और उपग्रह (प्रक्षेपण यान से) अलग हो चुका है।

पहली बार प्रक्षेपण यान पर एक कैमरा लगाया गया था जिसने उपग्रह के अलग होने तथा सौर पैनलों के खुलने का दृश्य भी दिखाया। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक आर. कुह्नी कृष्णन ने कहा कि यह इसरो की एक और सफल उपलब्धि तथा देश के सबसे विश्वसनीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी के ताज में एक और मोती है। रिसोर्ससैट-2ए दूर संवेदी उपग्रह है जिसका उद्देश्य संसाधनों की खोज और निगरानी है।

यह इससे पहले वर्ष 2003 में छोड़े गये रिसोर्स सैट-1 तथा वर्ष 2011 में छोड़े गये रिसोर्स सैट-2 के अगले क्रम का उपग्रह है। इसका वजन 1235 किलोग्राम है। इससे प्राप्त आँकड़े भी रिसोर्स सैट-1 और रिसोर्स सैट-2 की तरह दुनिया के अन्य देशों के साथ साझा किये जायेंगे।

Related Posts: