मध्यप्रदेश में इन दिनों ट्रेनों में चोरी, डकैती व लूट के अपराध बढ़ते जा रहे हैं. कुछ समय पहले तक ये अपराधी लोगों को आपसी संबंध बनाकर खाने-पाने की चीजों में नशे की चीजें मिलाकर उन्हें बेहोश कर लूट कर भाग जाते थे. इसे ‘जहर खुरानी’ कहा जाता है. लेकिन अब ये ऐसी चीजें खिला पिला देते है कि वह व्यक्ति या तो मर जाता है या उसे स्मृति लोप (सब कुछ भूल जाना) हो जाता है.

आमला के पास में एक चिरोंजी व्यापारी को प्राणलेवा जहर देकर उसके 15 लाख रुपये लूट लिये. आमला के पास ही बैतूल में एक ऐसा वृद्ध मुसाफिर पाया गया जिसकी याददाश्त ही चली गयी थी.

इसे भी ट्रेन लुटेरों ने कुछ खिला दिया था. उसके पास पायी गई चीजों से उसके बारे में लम्बी खोज की गई और कुछ वर्षों बाद पता चला कि वह तमिलनाडु का है और अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था और नशे में बैतूल उतर गया और उसकी याददाश्त तक चली गई थी.

इस तरह हाल ही में उत्तरप्रदेश में लखनऊ में एक भिखारी पाया गया. जिसे ट्रेन में जहर दिया गया था और यह अपनी याददाश्त खो बैठा था. इसकी सामान से जांच-पड़ताल में पाया गया कि वह तमिलनाडु का करोड़पति उद्योगपति है. उसके परिवार वाले उसे उसी गफलत की हालत में घर ले गए.

कुछ समय पूर्व ट्रेन टिकिट इन्सपेक्टर भी इस मामले में पकड़ा गया कि वह महिला यात्री के पास लुटेरों को सीट देकर लूट करवाता था और वही उस लूट गैंग का सरगना था. इसी गैंग ने कानपुर की एक लड़की को लूट का विरोध करने पर बीना के पास ट्रेन से नीचे फेंक दिया था. अब रेलवे का स्टाफ ही स्टेशनों पर व ट्रेनों में लूट-चोरी के गैंग चला रहे हैं.

Related Posts: