javdekarसंयुक्त राष्ट्र,  केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों के अधांधुंध दोहन पर समय रहते लगाम नहीं कसी गई तो हालात इतने विषम हो जाएंगे कि रहने के लिए एक धरती कम पड़ जाएगी।

पृथ्वी दिवस के अवसर पर कल शाम संयुक्त राष्ट्र में 171 देशों के साथ भारत की ओर से ऐतिहासिक पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए श्री जावडेकर ने कहा,“यह समझौता प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाए बिना एक संयमित जीवन शैली जीने के फायदों को रेखांकित करता है। समय आ गया है कि हम प्राकृतिक संसाधनों का अधांधुंध दोहन बंद करें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो हमारे लिए एक पृथ्वी काफी नहीं होगी, ऐसी तीन पृथ्वियों की जरूरत पड़ जाएगी।”

पर्यावरण मंत्री ने पेरिस समझौते पर इतनी बडी संख्या में देशों की रजामंदी को ऐतिहासिक क्षण बताते हुए इस प्रयास के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ,फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और अन्य बडे विश्व नेताओं को बधाई दी। उन्हाेंने कहा “ यह कदम पेरिस समझौते में प्रतिष्ठापित जलवायु परिवर्तन पर हमारे न्यायसंगत दृष्टिकोण को व्यवहार में लाने के लिए एक प्ररेणा स्रोत है। यदि यह समझौता संपूर्ण रूप में लागू किया गया तो इससे मौजूदा जलवायु व्यवस्था के संदर्भ में विकासशील देशों और गरीब लोगों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।

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