भोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि तन को स्वस्थ, मन को प्रसन्न और बुद्धि को प्रखर करने के लिए सभी लोग रोज योग करें।

श्री चौहान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के स्थानीय लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री के साथ महापौर आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव बी.पी.सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिकगण ने योगाभ्यास किया।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान जीवन की आपा-धापी में जीवन तनावमय हो गया है। जीवन को तनाव मुक्त करने का प्रभावी माध्यम योग है। सफल, सार्थक मानव जीवन जीने के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनायें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुये कहा कि व्यक्ति अनंत शक्तियों का भंडार है। मनुष्य अपनी क्षमताओं का बहुत कम ही उपयोग कर पाता है। व्यक्ति की इस अपार आंतरिक शक्ति को प्रखर बनाने का कार्य योग करता है।

श्री चौहान ने कहा कि भारतीय ऋषि मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व योग विधा का आविष्कार किया था। विश्व के जन-जन के मन में योग को प्रस्फुटित करने के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मुकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, प्रणायाम, नाड़ी शोधन, अनुलोम विलोम और शीतली और भ्रामरी प्राणायाम योग आसन किये।

कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश गान का गायन हुआ और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का प्रसारण हुआ।

मुख्यमंत्री निवास में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं के योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों को संबोधित करते हुए उनसे मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिये योग बहुत जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ें, उनकी उच्च शिक्षा में कोई बाधा नहीं आयेगी। राज्य सरकार ने प्रभावी योजनाएं लागू की हैं, जिनमें बिना जाति, धर्म आदि के भेदभाव के गरीब, निम्न, मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा में मदद की जायेगी।

उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र योजना में ऐसे परिवार जिनकी आय 6 लाख रूपये वार्षिक से कम है, उनका प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश होने पर फीस का भुगतान राज्य सरकार करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिये नशा कभी नहीं करें, योग रोज करें और खूब पढ़ाई करें।

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