arunनयी दिल्ली,  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि देश काे इंफ्रास्ट्रक्चर तथा औद्योगिकरण में आगे ले जाने के लिए कई वर्ष तक बड़े निवेश की जरूरत होगी। बीएसई के 140 साल पूरे होने के वार्षिक जश्न के समापन और इस अवसर पर एक डाक टिकट जारी करने के बाद श्री जेटली ने कहा “जहाँ तक मेरा नजरिया है, काफी लंबे समय तक हमें बड़े निवेश की जरूरत होगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिकरण के मामले में हम पीछे रह गये हैं।

इस खाई को भरने की जरूरत है जिसके लिए निवेश की आवश्यकता होगी। किसी भी गतिविधि का आरंभिक बिंदु निवेश है।” उन्होंने कहा कि निजी निवेश और निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) बढ़ाकर इस खाई को पाटा जा सकता है। इसके लिए बीएसई जैसे संस्थानों से बेहतर कोई जरिया नहीं है। श्री जेटली ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान अर्थव्यवस्था की अच्छी प्रगति के बावजूद निजी क्षेत्र तथा बीएसई और एनएसई का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी बाकी है।

उन्होंने कहा “पिछले कुछ सालों में सरकारी निवेश तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ने से देश के विकास की रफ्तार अच्छी रही है। लेकिन, निजी क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है।” उन्होंने कहा कि इसके लिए कई कारण गिनाये जाते हैं, जैसे माँग की कमी तथा अन्य दबाव। अच्छी बात यह है कि शहरी माँग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं तथा इंद्र भगवान इस साल दयालु दिख रहे हैं जिससे ग्रामीण माँग भी बढ़ेगी। इन सबसे निजी क्षेत्र के लिए अवसर पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज से 20-25 साल जब नियामकों को मजबूत कर बाजार में विश्वसनीयता स्थापित की गई उससे पहले हमने कई मौके गँवाये हैं। अब हमें यह सुनिश्चित करना चाहिये कि हम काेई और मौका नहीं गँवायें। उन्होंने कहा कि किसी भी आर्थिक गतिविधि की निधि निवेश है। भारत में परंपरागत तौर पर घरेलू बचत का अनुपात ज्यादा रहा है। लेकिन, इस निवेश पर बेहतर रिटर्न देने के लिए ब्याज ऊँची रखने से अर्थव्यवस्था में सुस्ती आयेगी।

वहीं, बीएसई और एनएसई जैसे संस्थानों के जरिये निवेश कर कहीं बेहतर रिटर्न पाया जा सकता है। इसमें म्युचुअल फंड जैसे कुछ सुरक्षित विकल्प भी मौजूद हैं। श्री जेटली ने कहा कि बीएसई तथा एनएसई का सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है।

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