Sushma Swarajकाठमांडू , 25 जून. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 26/11 के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी की रिहाई के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में भारत की कवायद में चीन के अडचन डालने पर अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की और कहा कि यह संबंधों में हुई प्रगति से अलग रुख है. नेपाल की मदद के लिए आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के इतर बैठक में स्वराज ने चीनी विदेश मंत्री से कहा कि लखवी कोई ‘आम आतंकवादी नहीं है, वह 166 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, संयुक्त राष्ट्र 1267 कमेटी में चीन ने जकीउर रहमान लखवी पर जो रुख अख्तियार किया विदेश मंत्री ने उस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद का शिकार है और इसलिए अच्छे और बुरे आतंकवादियों के बीच कोई भेद नहीं होना चाहिए. स्वरूप ने कहा, सुषमा ने कहा कि मसले पर चीन का रुख भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में जो उत्कृष्ट प्रगति हुई है, उससे अलग लगता है. उन्होंने कहा कि वांग ने स्वराज को आश्वस्त किया कि चीन सभी तरह के आतंकवाद का विरोध करता है और वह मामले पर गौर करेंगे. स्वरुप ने कहा, उन्होंने (वांग) आश्वस्त किया कि कोई कारण नहीं है कि भारत और चीन आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर और निकटता से काम नहीं करे. संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति की एक बैठक में भारत ने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का उल्लंघन कर 26/11 मुकदमे में लखवी की रिहाई के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन चीनी प्रतिनिधियों ने इस आधार पर इसे रोक दिया कि नयी दिल्ली ने पर्याप्त सूचना नहीं मुहैया करायी है.