सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना, प्रशासन व पुलिस मौन

  • सिंधी सेंट्रल पंचायत ने उठाई आवाज

संत हिरदाराम नगर,

संत नगर की सामाजिक संस्था सिंधी सेन्ट्रल पंचायत ने इन दिनों उपनगर में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के नाम पर लाउडस्पीकरों की तेज आवाज से विद्यार्थियों की प्रभावित हो रही पढ़ाई पर आम जनता का ध्यान केन्द्रित करते हुए सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से इस पर अंकुश रखने का आग्रह किया है. साथ ही इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने का पुलिस व जिला प्रशासन से भी मांग की है.

सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के संस्थापक नानक चंदनानी, अध्यक्ष एन.डी. खेमचंदानी एवं महासचिव सुरेश जसवानी ने कहा है कि धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संगठनों को कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल की छूट तो है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि इससे किसी तरह का ध्वनि प्रदूषण न हो और किसी भी व्यक्ति की जिन्दगी में खलल पैदा न हो.

पंचायत ने कहा है कि आए दिन विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान तेज आवाज में डीजे व लाउस्पीकरों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाने लगा है.

इन दिनों सीबीएसई एवं मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षाओं का दौर चल रहा है. इसके अलावा नर्सरी से लेकर सभी तरह की कक्षाओं की परीक्षाएं भी संचालित हो रही हैं और सभी विद्यार्थी पढ़ाई में मशगूल हैं ऐसे में डीजे व लाउडस्पीकरों की तेज आवाज से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है जिससे विद्यार्थियों में आयोजनों के नाम पर तेज आवाज में लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल करने वाली संस्थाओं के प्रति भारी आक्रोष व्याप्त है. चूंकि इससे विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो सकता है.

पुलिस व प्रशासन करे कार्रवाई

सिंधी सेन्ट्रल पंचायत ने कहा है कि लाउडस्पीकरों व डीजे बावत सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं, लेकिन देखा जा रहा है कि इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है, जबकि यह जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन की है इसलिए जहां भी डीजे व लाउउस्पीकरों की तेज आवाज से आम जनत को परेशानी हो रही है, वहां सख्ती से रोक लगाए जाने की जरूरत है.

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