toran_gateकुआलालंपुर,  भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों की विरासत की मिसाल के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सिरी नजीब तुन रज़ाक ने आज यहाँ लिटिल इंडिया में सांची के स्तूप की तर्ज पर बने तोरण द्वार का उद्घाटन किया। श्री माेदी और श्री रज़ाक ने ब्रिक्सफील्ड स्थित भारतीय पर्यटकों के आकर्षण के केन्द्र लिटिल इंडिया में चार स्तंभों वाले इस खूबसूरत तोरण द्वार का उद्घाटन किया।

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सांची के स्तूप को करीब दो हज़ार साल पहले सम्राट अशाेक ने बनवाया था। भारतीय मलेशियाई कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक नृत्य एवं वाद्यवृन्दों की सुमधुर लहरियों के बीच इस उद्घाटन समारोह को देखने सैकड़ों की तादाद में भारतीय समुदाय के लोग आये थे। बाद में दोनों नेताओं ने एक पट्टिका पर हस्ताक्षर भी किये। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि यह तोरण द्वारा भारत मलेशिया मैत्री का प्रतीक है, यह विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक का द्वार है।

यह हमारे संबंधों में एक मील के पत्थर के रूप में पहचाना जाएगा। उन्होंने कहा कि तोरण द्वारा पत्थर पर उकेरी गयी एक कलाकृति मात्र नहीं है, यह दो देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के प्रतीक है और यह एक पर्यटन आकर्षण बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री रज़ाक के नेतृत्व में भारत और मलेशिया के बीच प्रगाढ़ संबंध पूरे एशिया में सकारात्मक प्रभाव पैदा करेंगे।

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