सिंगापुर गणराज्य के भूतपूर्व प्रधानमंत्री ली क्वान यू का 91 वर्ष की आयु में 23 मार्च 2015 को निधन हो गया. उनका जन्म 16 सितंबर 1923 को हुआ. वे 5 जून 1959 को प्रधानमंत्री बने और तीन दशकों तक 30 साल इस पद पर रहे. आज सारे विश्व में वे इस बात का प्रतीक बन गये है कि राष्टï्र का निर्माण व विकास, सभी कानूनों को पूरी तरह लागू करना, देश को स्वच्छ रखना और पूरी जनता को अनुशासित कैसे रखा जा सकता है. आज एक बहुत ही छोटे से द्वीप का राष्टï्र सिंगापुर दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे धनी, स्वच्छ और अनुशासित राष्टï्र है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व सभी लोगों का अमूल्य बातें सिखाता है. भौगोलिक दृष्टिï से यह मलेशिया का ही भूभाग उसी तरह है जैसे भारत में रामेश्वर द्वीप तमिलनाडु राज्य का भाग है. यह एक पतली समुद्री पट्टïी से अलग है और कम्बम पुल से जुड़ा है.

उसी तरह सिंगापुर भी एक पतली समुद्री पट्टी से अलग है और जौहर खाड़ी पर बने पुल से मलेशिया से सड़क पुल से जुड़ा है. यह 1963 में मलेशिया से जुड़ गया था लेकिन 2 साल बाद ही 1965 से अलग होकर स्वतंत्र राष्टï्र बन गया है. इसका एक सबसे बड़ा और विचित्र कारण यह था कि सिंगापुर को श्री ली क्वान यू ने इतना समृद्ध, आधुनिक बना दिया था कि मलेशिया में यह भय व्याप्त हो गया था कि वह पूरे मलेशिया पर हावी हो जायेगा और उसकी आधुनिकता से मलेशिया का ‘इस्लामी शासन व स्वरूप टिक नहीं पायेगा.Ó सिंगापुर में 77 प्रतिशत चीनी, 15 प्रतिशत मलेशियाई और 6 प्रतिशत भारतीय मूल के लोग हैं. यहां चीनी, मलय, तमिल व अंग्रेजी भाषायें बोली जाती हैं. श्री ली क्वान यू चीनी मूल के थे.

लेकिन इस विविधता में भी उन्होंने सिंगापुर को एक नव राष्टï्र का सुसंगठित रूप दिया. उसमें एक नागरिकता की भावना स्थापित की और उसे आर्थिक विकास व उन्नति में उस क्षेत्र का सबसे समृद्ध राष्टï्र बना दिया. इस पर्यटन महत्व के राष्टï्र में कोई जुआघर नहीं है, कोई चुइंगगम नहीं खा सकता. कचरा या गंदगी करने पर भारी जुर्माना होता है. सारी दुनिया में सिंगापुर सबसे स्वच्छ राष्टï्र है. यहां के यूरीनल व टायलेट सफाई का विश्व कीर्तिमान है. इस द्वीप राष्टï्र में सभी कानून का कड़ाई से पूरा परिपालन होता है. यह राष्टï्र सेनीटेशन में दुनिया में मिसाल है. जबकि भौगोलिक दृष्टिï से इसका मूल भाग मलेशिया इस्लामी गणतंत्र है और सिंगापुर के मुकाबले काफी पिछड़ा और दकियानूसी राष्टï्र है. यहां अधिकांश आबादी मुस्लिम है और सिंगापुर पूरी तरह कास्मोपोलीटन है. यहां का बन्दरगाह अन्तरराष्टï्रीय महत्व व इस समुद्री व्यापारिक मार्ग का सबसे प्रमुख बन्दरगाह है और इस राष्ट्र की आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत है. मलेशिया जो पहले मलाया कहलाता था और सिंगापुर अंग्रेजों के अधीन थे. सिंगापुर 1959 में स्वतंत्र हुआ.

लेकिन संसार में जितनी तेजी से प्रगति सिंगापुर ने की वह दुनिया में आज भी बेमिसाल है. इसका पूरा श्रेय केवल एक व्यक्ति को जाता है वह ली क्वान यू है. राजनीति में दक्षता, ईमानदारी, लगन पूरी ताकत व अनुशासन से सुशासन करना यह ली क्वान यू को सदा चिरस्थाई रखेगा.

Related Posts: