जब इंदौर स्थित उद्यमी, जितेंद्र माहेश्वरी ऑनलाईन उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने के लिए अपनी इन्वेंटरी बढ़ाना चाहते थे, तो उन्हें वर्किंग कैपिटल फाईनेंस हासिल करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनकी कंपनी जेकेआरएम सर्विसेस को मार्केटप्लेस में उपभोक्ताओं की भारी मांग पूरी करनी पड़ रही थी, इसलिए, इन्वेंटरी में पर्याप्त स्टॉक रखना उनके कारोबार के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन वर्किंग कैपिटल प्राप्त करना बहुत मुष्किल काम था।

बड़े बैंकों में आवेदन की प्रक्रिया एवं रिस्पॉन्स टाईम काफी मुष्किल एवं लंबा था, जिसका बिजऩेस के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता था। तभी उन्होंने मार्केटप्लेस में बिक्री करते हुए इत्तफाक से इस समूह से संपर्क किया।

आवेदन करने पर अगले दिन उन्हें लेडिंगकार्ट ग्रुप से कॉल प्राप्त हुई। उन्हें बिना कोई कोलेटरल दिए मात्र एक सप्ताह के अंदर ही अपनी ऋण की राषि मिल गई एवं यह प्रक्रिया काफी स्मूथ और आसान रही। सही समय पर वित्तीय मदद के साथ जितेंद्र आसानी से अपने बिजऩेस और उपभोक्ताओं की भारी मांगकी ज़रूरत बिना किसी देरी के पूरी कर सके।

लेंडिंगकार्ट टेक्नॉलॉजीज के सहसंस्थापक एवं सीईओ हर्शवर्धन लूनिया के अनुसार, ग्रुप ने छोटे व्यवसायीयोंके लिये वर्किंग कैपिटल फंड मिलना बहुत आसान बना दिया है। उन्हें केवल 8010 380 380 पर एक मिस कॉल देकर अपनी जरूरत बतानी होगी और न्यूनतम डॉक्युमेंट जमा कराने होंगे।”

स्मॉल एवं मीडियम बिजऩेस टेलेंट, इनोवेेशन एवं उद्यमशील भावना को प्रोत्साहित करते हुए देेश के आर्थिक विकास में मुख्य भूमिका निभाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के स्मॉल बिजऩेसों में 106 मिलियन से अधिक जनसंख्या कार्यरत है। इस देेश में जहां हर साल लाखों नए कर्मचारी कार्यबल में षामिल हो जाते हैं, एसएमई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मध्यप्रदेश अपने प्राकृतिक संसाधनों जैसे ईंधन, खनिज, कृशि और जैव विविधता के लिए प्रख्यात् है। वल्र्ड बैंक एवं केपीएमजी के एक अध्ययन के अनुसार बिजऩेस की आसानी एवं सुधार के क्रियान्वयन में भारतीय राज्यों में यह पांचवें स्थान पर आता है।

अपार अवसरों एवं प्रतिभा के बावजूद राज्य में एसएमई को प्रभावित करने वाले प्रमुख तत्व वित्त एवं ऋण हैं। आज के परिदृष्य में उनके पास बेसिक वित्तीय संसाधनों के बैकअप की कमी होती है, जो उनके बिजऩेस के विकास में बहुत जरूरी है। उनमें से कई, खासकर स्मॉल साईज बिजऩेस सेगमेंट में प्रवेश करने वाले बैंक के कर्ज पर निर्भर होते हैं एवं फ ंडिंग के लिए क्रेडिट के अन्य स्रोत तलाषते हैं। हालांकि उनके अनुभव अच्छे नहीं रहते हैं क्योंकि ऊंची ब्याज दर होने के अलावा ये ऋण प्राप्त करना भी आसान नहीं है। इसके अलावा बड़े ऋ णदाता अक्सर कोलेटरल जैसे इन्फ ्रास्ट्रक्चर या इन्वेंटरी की मांग करते हैं, जो इनमें से अधिकांष छोटे बिजऩेस मालिकों के पास नहीं होती है।

इस बात में कोई षक नहीं कि इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के युग में एसएमई को समय पर एवं आसान फाईनेंस के बिना विश्व के बाजार में खड़े रहने के लिए अपने बिजऩेस का विस्तार करना असंभव है। इस दृश्टि से लेंडिंगकार्ट ग्रुप उद्यमियों को सहजता से फाईनेंस प्रदान करने में मुख्य भूमिका निभाता है। लेंडिंगकार्ट तकनीकी टूल्स जैसे बिग डेटा एनालिटिक्स का प्रयोग करता है। यह ऑनलाईन एवं ऑफलाईन डेटा के नए स्रोतों का विकास कर सही लेंडिंग निर्णय लेने में मदद करता है, जबकि इसकी एनबीएफ सी (आद्रि इन्फिन लिमिटेड) सभी लेंडिंग गतिविधियां चलाती है। असल में यह प्रक्रिया अधिक आसान बनाने के प्रयास में एक मोबाईल एप्लीकेशन भी लॉन्च की गई है.,

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