thomas1पेरिस, 9 जून. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थोमस बाश ने कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण वैश्विक स्तर पर आलोचना झेल रहे अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ में सुधार के लिये कड़े फैसले लेने होंगे.

फीफा भ्रष्टाचार की तुलना आईओसी के साल्ट लेक सिटी घोटाले से करते हुये बाश ने कहा कि फीफा में रिश्वत और भ्रष्टाचार का मामला बहुत बड़ा है और इसकी तुलना किसी अन्य घोटाले से नहीं की जा सकती है. उन्होंने कहा कि फीफा में भ्रष्टाचार और रिश्वत का मामला अधिकारियों से सीधे तौर पर जुड़ा है और अब इस वैश्विक संगठन को यदि खोये भरोसे को वापिस लाना है तो कड़े फैसले लेने होंगे. बाश ने कहा कि फीफा को संगठन में सुधारों की तरफ कदम तेजी से बढ़ाने चाहिये. आईओसी जैसे दूसरे वैश्विक खेल संगठनों की तर्ज पर काम करना चाहिये. वर्ष 1990के आखिर में साल्ट लेक भ्रष्टाचार और रिश्वत मामला सामने आने के बाद आईओसी ने कड़े कदम और सख्त फैसले लेकर यह वैश्विक संगठन अपने खोये भरोसे और विश्वसनीसता को वापिस लाने में कामयाब रहा था.

आईओसी अध्यक्ष ने कहा कि हमारा उद्देश्य नहीं है कि हम फीफा को किसी तरह की सलाह दें लेकिन यहां सिर्फ याद दिलाने के लिये है कि जो परेशानी इस वक्त फीफा झेल रहा है, वह करीब 15 वर्ष पहले आईओसी झेल चुका है.

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