shivrajभोपाल,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रतलाम लोकसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पराजय पर आज प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत चलती रहती है।

अपने कार्यकाल के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर यहां मीडिया से चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कभी आप जीतते हैं, तो कभी हारते हैं। इससे पहले भाजपा कई चुनाव जीती। खरगोन और सीधी उपचुनावों में उसकी हार भी हुई। उन्होंने कहा कि देखने की बात यह है कि रतलाम में हार के क्या कारण रहे और इस पर विचार किया जाएगा।

भविष्य की योजना के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में रच-बस गए हैं, बाहर जाने के बारे में नहीं सोचा है। उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली जाने का कोई इरादा नहीं है। वे प्रदेश के लोगों की सेवा करना चाहते हैं।

प्रतिपक्ष के बारे में श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने हमेशा प्रतिपक्ष का आदर किया। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप होते हैं, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर उनका किसी से मतभेद नहीं है। मुख्यमंत्री ने अपने सभी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों का आभार भी प्रकट किया।
नौकरशाही पर पकड़ के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने जो योजना तय की, उसे हर हाल में पूरा किया। कोई भी उन्हें नहीं रोक पाया। उन्होंने कहा कि उनके काम करने का तरीका टीम भावना वाला है। वे पूरी टीम को साथ लेकर काम करने में विश्वास रखते हैं।

श्री चौहान ने कहा कि सुशासन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, इसके लिए प्रयास जारी हैं। सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑनलाइन पेमेंट, ई-टेंडरिंग जैसे उपाय किए हैं। व्यवस्था बदली है। जहां गड़बड़ी पकड़ में आई तुरंत कार्यवाही की है, लेकिन सुधार की सदैव जरूरत होती है।

राज्य में वित्तीय संकट संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा और कुछ अन्य कारणों से परेशानियां अवश्य हैं लेकिन वित्तीय संकट जैसी स्थिति नहीं है। अलबत्ता सरकार अपने संसाधनों से ही अपनी जरूरतें पूरी करने के काम में जुटी हुयी है।

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