नयी दिल्ली,

कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा में आज कोई कामकाज नहीं हो सकता और एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही पांच मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे दोबारा शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। वे ‘राफेल की कीमत बताओ’, ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ और ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगा रहे थे। उधर तेदेपा के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गये और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग के समर्थन में नारेबाजी करने लगे।

वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य भी नारेबाजी में शामिल थे, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सभी सदस्य अपनी सीट पर खड़े नजर आये। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हंगामे के बीच ही सदन पटल पर जरूरी दस्तावेज रखवाये तथा इसके बाद सदन की कार्यवाही पांच मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हुआ था। पूर्वाह्न 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की और अन्नाद्रमुक के सांसद आर. गोपालकृष्णन के सवाल पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने जवाब देना शुरू किया।

इसी बीच तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने हाथों में पोस्टर लेकर सदन में प्रवेश किया अौर अासन केे इर्द-गिर्द आकर नारेबाजी शुरू कर दी। तभी पीछे की सीट पर तेदेपा के सदस्य एन शिवप्रसाद ने अपने सिर पर नकली बाल लगाये और आसन की ओर बढ़े। उनके चेहरे पर भी टीका एवं पाउडर लगा था।

अध्यक्ष ने दोनों पार्टियों के सांसदों को बार बार अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने नारेबाजी और तेज़ कर दी। इस पर श्रीमती महाजन ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुए बजट सत्र के पहले चरण का आज अंतिम दिन था। सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत पांच मार्च से होनी है।

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