नयी दिल्ली,

विभिन्न मांगों को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा में आज भी अविश्वास प्रस्ताव को सदन के समक्ष नहीं रखा जा सका और एक बार के स्थगन के बाद कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी ।

विपक्ष के हंगामे के कारण सुबह प्रश्नकाल नहीं हो सका और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने एक मिनट के अंदर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू हाेने पर अन्नाद्रमुक और तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष तथा असम्बद्ध सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अपनी -अपनी मांगों के समर्थन में बैनर और प्लेकार्ड लेकर अध्यक्ष के अासन के समीप पहुंच कर नारेबाजी करने लगे जबकि तेलुगू देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य अपनी -अपनी सीटों पर खडे रहे।

अन्नाद्रमुक के सदस्य कावेरी नदी प्रबंधन बोर्ड गठित करने ,टीआरएस के सदस्य मनरेगा को खेतिहर मजदूरों से जोडने तथा श्री यादव बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे।

शोरगुल और हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने जरूरी दस्तावेज सदन पटल पर रखवाये। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार कुछ कहना चाहते हैं। श्री कुमार ने खडे होकर कहा कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव समेत किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पूर्ण बहुमत है। श्री कुमार ने सदस्यों से शांत रहने और अपनी सीटों पर जाने की अपील की लेकिन अासन के पास नारेबाजी कर रहे सदस्यों पर उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ।

इसके बाद श्रीमती महाजन ने भी सदस्यों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक सदन में व्यवस्था नहीं होगी वह प्रस्ताव के समर्थन वाले 50 सदस्यों की गिनती नहीं कर सकतीं। श्रीमती महाजन ने कहा कि वह किसी को देख नहीं पा रहीं हैं।

अध्यक्ष के इतना कहते ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, वाम दल और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर और हाथ उठाकर प्रस्ताव के प्रति समर्थन व्यक्त करने की कोशिश करने लगे। इस दौरान के कांग्रेस के बहुत कम सदस्य सदन में मौजूद थे। हंगामा बढता देख अध्यक्ष ने 1205 मिनट पर सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी ।

इससे पहले 11 बजे प्रश्नकाल की कार्यवाही आरंभ होते ही अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य अपनी मांगों को नारे लगाते हुए सदन के बीचों बीच पहुंच गये जबकि टीआरएस तथा वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गये। सदन में जारी हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

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