नई दिल्ली,6मई,नससे. देश में जीएसटी विधेयक लागू करने का संविधान विधेयक-2014 लोकसभा में पारित हो गया है.जीएसटी विधेयक का समर्थन करने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सभी दलों से दलगत भावना से ऊपर उठकर समर्थन करने की अपील की थी. लोकसभा में इस विधेयक के पक्ष में 352 वोट और विरोध में 37 वोट पड़े है. दस सदस्य मत विभाजन से अनुपस्थित रहे है. परन्तु राज्यसभा में इसके भविष्य को लेकर अभी अनिश्चितता बरकरार है.
लोकसभा में सरकार को इस विधयेक को पारित कराने में कोई समस्या नहीं थी क्योंकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के समर्थन भी मिलने की उम्मीद जताई गई थी.

संसदीय मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू ने पहले ही सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात किया था और उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया था.
राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि जहां वे जीएसटी व्यवस्था का समर्थन करते हैं वर्तमान विधेयक की विधायी जांच परख की जरूरत है. उनकी एक तरह से इसे स्थायी समिति को भेजने की मांग है. कांग्रेस, बीजू जनता दल, अन्नाद्रमुक और माकपा के सदस्यों ने इस विधेयक के साथ ही कई अन्य विधेयकों को संसद की स्थायी समितियों में नहीं भेजने के लिए सरकार की आलोचना की है और कहा कि सरकार पर संसद की स्थायी समितियों को नजर अंदाज कर रही है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि स्थायी समिति पहले ही इस पर करीब ढाई साल तक चर्चा कर चुकी है और विधेयक के प्रावधानों पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्च अधिकार संपन्न समिति में कुछ बिंदुओं को छोड़कर व्यापक आम सहमति है. इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्च अधिकार संपन्न समिति के जरिए केंद्र और राज्यों के बीच एक प्रकार की आम सहमति बनकर सामने आई है.

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