नयी दिल्ली,

कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों एवं सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के एक घटक दल के भारी हंगामे के कारण लोकसभा में आज लगातार सातवें भी कोई कामकाज नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे दोबारा जैसे ही शुरू हुई, तेलुगु देशम पार्टी तथा वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने, अन्नाद्रमुक के सदस्य कावेरी जल विवाद प्रकरण, तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्य राज्य में आरक्षण का कोटा बढ़ाने तथा कांग्रेस एवं तृणमूल कांग्रेस सदस्य बैंक घोटाले और नीरव मोदी, ललित मोदी विजय माल्या के फरार होने के मुद्दों को लेकर नारेबाजी करते हुए आसन के सामने आ गये। मुस्लिम लीग, राष्ट्रीय जनता दल आदि के सदस्य भी सदन के बीचोंबीच आ गये।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य भी अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी करते देखे गये। तेदेपा के सदस्यों ने पीले रंग और अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने सफेद, लाल आैर काले रंग का तिरंगा पटका पहन रखा था। तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्यों ने गुलाबी रंग के अंगवस्त्र पहने हुए थे।

श्रीमती महाजन ने हंगामे और नारेबाजी के बीच जरूरी दस्तावेज एवं स्थायी समितियों के प्रतिवेदन सदन पटल पर रखवाये और नियम 377 के तहत सदस्यों से अपने मामले लिखित रूप में पटल पर रखने को कहा। इस बीच भारी हंगामा जारी रहा और सदस्य हाथों में तख्तियां और पोस्टर लिये नारेबारी करते रहे। सदस्यों का सदन न चलने देने का रुख भांपकर अध्यक्ष ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं चल पाया था और सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी।

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