vanzaraअहमदाबाद,  इशरत जहां मुठभेड मामले के मुख्य आरोपियों में से एक गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा ने आज सूरत में लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को प्लास्टिक की पिस्तौल लगी माला पहना कर एक नया विवाद खडा कर दिया।

सूरत के वाराछा इलाके में उनके नागरिक अभिनंदन समारोह के दौरान उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा को कलम और नकली पिस्तौल लगा हार पहनाया। उन्होंने कहा कि कलम विद्वता का और पिस्तौल सुरक्षा का प्रतीक है।

सरदार पटेल को अपना आदर्श बताने वाले पाटीदार आरक्षण आंदोलन समर्थकों ने इसका विरोध जताते हुए माला हटा कर बाद में प्रतिमा को फूलों की माला पहनायी।

पटेल आंदोलन के नेता धार्मिक मालविया ने कहा कि श्री वंजारा का यह कृत्य सरदार पटेल का अपमान है। उधर सरदार पटेल के गृह जिले खेडा के पूर्व सांसद सह मंत्री तथा कांग्रेस नेता दिनशा पटेल ने श्री वंजारा से जनता से माफी मांगने की मांग की।

उधर, श्री वंजारा ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन समर्थकों पर पलटवार करते हुए कहा कि जय सरदार का नारा लगा कर बसों में आगजनी करने और हिंसा फैलाने वालों को उनकी आलोचना का कोई अधिकार नहीं है।

ज्ञातव्य है कि सीबीआई की विशेष अदालत की अनुमति पर गुजरात में प्रवेश पाने वाले श्री वंजारा लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। उनके गुजरात प्रवेश के दौरान पिछले दिनों राजधानी गांधीनगर में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में भी तलवार के साथ उनका नृत्य और तल्ख तेवर वाला भाषण सुर्खियों में रहा था। श्री वंजारा ने सक्रिय राजनीति में आने के भी संकेत दिये हैं।

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