नवभारत न्यूज
भिण्ड ।

जनपद अध्यक्ष भिण्ड के खिलाफ सहयोगी सदस्यों द्वारा लगाया गया अविश्वास प्रस्ताव रविवार को पारति हो गया। कुल 25 सदस्यी जनपद पंचायत में से 22 सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष संजू गजराज जाटव के खिलाफ वोट दिए, जिसके चलते उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

लंबी जद्दोजहद के बाद मिली इस शिकस्त का ठीकरा बीजेपी के वरिष्ठ नेत्रत्व पर फोड़ते हुए इसे खुद के साथ धोखा बताया। ज्ञात हो कि 19 नवंबर को जपं भिण्ड के दर्जन भर सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगाया।

कलेक्टर के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने पर इसके लिए 3 दिसंबर की तारीख तय की गई। रविवार को विरोध में उतरे सदस्यों ने काफी मानमुनव्वल के बाद भी अध्यक्ष संजू जाटव के विरोध में वोटिंग की।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस वोटिंग में कुल 25 सदस्यों ने 22 सदस्यों ने अध्यक्ष के विरोध में वोट दिए, जबकि महज दो सदस्यों ने पक्ष में वोट दिए। जिनकी मतगणना के बाद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हुए उन्हें पद के लिए अयोग्या घोषित कर दिया गया।

गौरतलब है कि सत्ताधारी बीजेपी समर्थित जनपद अध्यक्ष सीट के विरोध में प्रस्ताव लगाऐ जाने के बाद अध्यक्ष संजू जाटव ने अपने पद को बचाने का भरसक प्रयास किया। जिसके तहत उन्होने स्थानीय भाजपा नेताओं से लेकर प्रदेश की राजधानी में पार्टी अध्यक्ष नंदकुमार चौहान से लेकर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात की।

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