IAFहैदराबाद,  भारतीय वायुसेना की महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की कवायद आज उस समय हकीकत में बदल गयी जब तीन महिला अधिकारियों को लड़ाकू विमान उड़ाने वाले दस्ते में शामिल किया गया। वायुसेना की यहां स्थित अकादमी की पासिंग आउट परेड के बाद तीनों महिला फ्लाइंग कैडेटों मोहना सिंह , अवनी चतुर्वेदी और भावना कंठ को लड़ाकू विमान पायलट के रूप में कमीशन दिया गया।

वायु सेना के लिए वह ऐतिहासिक क्षण था जब रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इन तीनों महिला अधिकारियों की यूनिफार्म में पायलट का प्रतीक चिन्ह “ विंग” लगाया । रक्षा मंत्रालय ने महिला पायलटों को लड़ाकू विमान उड़ाने के दस्ते में शामिल करने की मंजूरी पिछले वर्ष दी थी। इसके बाद इन तीन कैडेटों ने लड़ाकू पायलट का प्रशिक्षण लेने की सहमति प्रकट की थी। इन तीनों को पहले चरण में डेढ सौ घंटे से भी अधिक समय तक विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया है।

अगले छह महीनों में इन्हें उन्नत लड़ाकू विमान हाॅक पर गहन प्रशिक्षण दिया जायेगा। इन तीनों ने स्वेच्छा से लड़ाकू विमान चलाने की इच्छा प्रकट की थी तथा प्रशिक्षण के पहले चरण के तहत 150 घंटे की उड़ान का अनुभव हासिल कर लिया है। उन्हें अगले छह महीने के दौरान ब्रिटेन निर्मित उन्नत लड़ाकू विमान ‘हॉक’ उड़ाने के लिए और कड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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