वाराणसी,

उत्तर प्रदेश की प्राचीन धार्मिक नगरी वाराणसी में माघ पूर्णिमा पर आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे के बाद सूतक काल होने के कारण आज गंगा स्नान करना उचित नहीं माना जाता है। इस दौरान गंगा-घाटों पर सिर्फ पूजा-अर्चना का विधान है,लेकिन जानकारी के अभाव में बहुत से श्रद्धालु सूतक काल में भी गंगा घाटों पर डुबकी लगाते देखे गए।

सूतक काल शुरू होने से पहले विश्वप्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से चंद कदमों की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट एवं शीतला घाट के अलावा असि घाट सहित अधिकांश घाटों पर सुबह लगभग चार बजे से भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह साढ़े आठ बजे बाद शूतक काल शुरू होने से पहले तक श्रद्धालुओं का सैलाब देखा गया। उसके बाद स्नान करने वालों की संख्या में अपेक्षाकृत कम देखी गई।

Related Posts: