21pakनई दिल्ली, 21 अगस्त.नससे. भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की जो उम्मीद रूस के शहर उफा में बंधी थी वह अब लगभग टूट गई है। रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित एनएसए वार्ता से पहले शुक्रवार को दोनों देशों की ओर से सख्त संदेशों के आदान-प्रदान ने वार्ता रद होने का आधार लगभग तैयार कर दिया है।

हुर्रियत नेताओं से मिलने पर अड़े पाक ने जहां आतंकवाद के तय मुद्दे में कश्मीर को भी जोडऩे की बात दोहराई, वहीं भारत ने सख्त लहजे में बता दिया है कि उफा में तय एजेंडे से इतर कुछ भी स्वीकार्य नहीं है। ठीकरा पाकिस्तान पर फोड़ते हुए यह भी बता दिया गया कि पाकिस्तान का रुख शुरू से संदेहास्पद रहा है।
वैसे अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक रूप से वार्ता रद्द करने की घोषणा नहीं की है। लेकिन यदि गतिरोध ऐसे ही बना रहा, तो बातचीत खटाई में पडऩा तय माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने साफ कर दिया है कि हुर्रियत नेताओं के साथ अजीज की मुलाकात उफा की भावना के मुताबिक नहीं होगी।

उफा में भारत और पाक के प्रधानमंत्रियों के बीच यह सहमति बनी थी कि दोनों देश आतंक से मिल कर लड़ेंगे। वार्ता द्विपक्षीय होगी जिसमें किसी भी तीसरे पक्ष के लिए कोई भूमिका नहीं है।