भोपाल में रजिस्टर्ड हैं करीब 16 लाख वाहन

नवभारत न्यूज भोपाल,

राजधानी में दिन व दिन वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही हैं, हर घर में दो – तीन वाहन चलन में हैं. यहां करीब 16 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं, जो कि शहर की सड़कों पर दौड़ रहे है. प्रदूषण फैलाते यह वाहन जहां शहर की आवोहवा के लिए नुकसानदेह हैं.

वही शहर के व्यस्ततम इलाको एमपीनगर, 80 मील रोड़ और भोपाल टांकीज, करोंद आदि क्षेत्रों में गाड़ी निकालना कठिनायी का सबक बन गया हैं.

कोलार और बैरागढ़ की सड़कों पर वाहन के बेतरतीब चलाने से यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया हैं, जिसके कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमायी हैं, वाहन दुर्घटनाओं के बढऩे का मूल कारण राजधानी में बढ़ती वाहनों की संख्या ही हैं, अधिकतर नागरिकों के पास वाहन होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप होने की कगार पर हैं. बीआरटीएस बसे सवारियों के बिना ही रूट पूरा कर रही हैं.

लग रहे घंटों जाम

शहर के व्यस्ततम इलाको में गाड़ीयों की भीड़ से पैदल चलना दुस्बार हो गया हैं. शहर के कोलार, मिसरोद, बैरागढ़ आदि शहरों में वाहन दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. शहर के एमपीनगर, करोद, भोपाल टांकीज आदि क्षेत्रों पर बेतरतीब यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ रही हैं.

दफ्तरों की छुट्टी के समय 5 से 8 बजे के मध्य एमपीनगर बोर्ड आंफिस चौराहे तक रोजाना घंटों का समय लग रहा हैं. जिसके कारण दुर्घटनाओं में जान माल की हानि हो रही हैं.

इस मुद्दे पर रहवासियों की राय

शहर में हर घर में चार वाहन खड़े हैं, जिससे पार्किग की समस्या उभर कर सामने आ रही हैं पुराने भोपाल में गाड़ी खड़ी करने के लिए माथापच्ची करनी पड़ रही हैं.
ऋषभ मिश्रा – रहवासी नेहरू नगर

चेतक ब्रिज और एमपीनगर में घंटो जाम में फंसना मजबुरी हैं, जिसमें बेतरतीब वाहनचालक बीच में गाड़ी लगाकर दुर्घटनाओं को निमंत्रण देते हैं.
अमित कुमार – रहवासी टीटी नगर

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