केंद्र सरकार के लाख दावों के बाद कि नोटबंदी और जी.एस.टी. से देश की आर्थिक स्थिति में और विकास दर में काफी उछाल आया है. लेकिन वस्तु स्थिति और जमीनी हकीकत कुछ और ही है. अभी प्रारंभ हुये इस 2018 के साल में देश की विकास दर 7.1 प्रतिशत से घटकर 6.1 प्रतिशत हो रही है.

औद्योगिक क्षेेत्र में मैन्युफेक्चरिंग क्षेत्र में सबसे जोरदार झटका लगने जा रहा है. यही वह क्षेत्र है जिसमें रोजगार निर्माण होता है. वस्तु निर्माण से बाजार में उपभोक्ता बाजार सम्पन्न होता है और निर्यात व्यापार भी बढ़ता है.

नोटबन्दी के कारण मैन्युफेक्चरिंग क्षेत्र ठप्प हो जाने से लाखों लोग कुछ दिनों में ही बेरोजगार हो गये थे. उद्योग में इसी क्षेत्र की सफलता विकास दर, मूल्य नियंत्रण व विदेशी व्यापार से अर्थ व्यवस्था को बढ़ाती है.

जी.एस.टी. की वजह से अभी तक टैक्स प्रणाली की रिटर्न भरने की व्यवस्था सुचारु रुप से नहीं आ पायी है और व्यापार जगत को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Related Posts: