modiनयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान एवं अनुसंधान का लाभ आम लोगों तक पहुँचाने की जरूरत पर बल देते हुये आज वैज्ञानिकों से दालों, सब्जियों तथा अन्य फसलों की ज्यादा पैदावार वाली किस्में विकसित करने, बीमारियों की जल्द पहचान के लिए नये किट विकासित करने तथा 100 साल बाद काम आने वाली तकनीकों की बजाय समाज की मौजूदा समस्याओं के हल के लिए तकनीकें विकसित करने पर ज्यादा जोर देने की अपील की।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआईआर) के प्लेटिनम जुबली समारोहों की शुरुआत करते हुये श्री मोदी ने यहाँ वैज्ञानिकों से कहा “कोई भी तकनीक तभी कामयाब मानी जाती है जब वह आम आदमी के काम आये। …कभी-कभी अनुसंधान का लाभ आम आदमी को नहीं मिल पाता। समाज की समस्याओं के साथ मेल बिठाकर अनुसंधान करने से इस समस्या का हल हो सकता है।”

उन्होंने वैज्ञानिकों से लगातार आम लोगों के संपर्क में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर की हर प्रयोगशाला के वैज्ञानिक महीने में कम से कम एक बार किसी स्कूल या कॉलेज में जाकर वहाँ छात्रों से बात करें। प्रधानमंत्री ने प्रयोगशालाओं के द्वार भी छात्रों के लिए खोलने का सुझाव दिया ताकि बच्चों में विज्ञान को लेकर जागरुकता पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें वैज्ञानिकों की मदद जरूरी है। उन्हें फसलों की नई किस्में तैयार करनी होगी।

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दाल की ज्याद पैदावार वाली किस्में विकसित करें। जेनेटिक इंटरवेंशन से वैज्ञानिक ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने सब्जियों की भी ज्यादा पैदावार वाली किस्में बनाने की अपील करते हुये कहा कि खाड़ी के देशों में इनकी निर्यात की काफी संभावना है, इसलिए वैज्ञानिक सब्जियों की उच्च गुणवत्ता और ज्यादा पैदावार वाली किस्मों पर ध्यान केंद्रित करें जो कीमत के मामले में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्द्धी भी हों।

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