नवभारत न्यूज भोपाल,

प्रदेश के एकमात्र पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय जिन महापुरूष माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर स्थापित हैं, वह विश्वविद्यालय में उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं.

दो वर्ष से कैम्पस में स्थापित उनकी प्रतिमा के आगे विवि. प्रशासन ने बड़े बड़े विज्ञापन चस्पा कर दिये हैं, जिससे पत्रकारिता के पितामह कहे जाने वाले पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा ओझल हो गयी हैं.

आंगतुकों को यह मूर्ति दिखायी ही नहीं देती हैं, स्टांफ पार्किग की तरफ से मूर्ति की झलक अवश्य दिखती है, पर रखरखाव की कमी के कारण मूर्ति का रंग फीका पड़ गया हैं. गौरतलब है कि यहां रोजाना फूलों से रंगोली बनायी जाती हैं पर पुष्प की अभिलाषा के रचियता कवि माखनलाल चतुर्वेदी की मूर्ति पर एक पुष्प भी अर्पित नहीं किया जाता हैं.

इस प्रतिमा का अनवरण राजधानी में हुये दशवे विश्व हिन्दी सम्मेलन के समय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज्य ने किया था. पर आज यह मूर्ति विज्ञापनो के पीछे गायब हो गयी हैं.

हिन्दी सम्मेलन में हुआ था अनावरण

दसवां विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 से 12 सितबंर तक शहर के लाल परेड़ मैदान में हुआ था. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व कवि माखनलाल चतुर्वेदी को सम्मान देने के लिए आयोजन स्थल का नाम माखनलाल चतुर्वेदी नगर रखा गया था.

आयोजन स्थल के मुख्य द्वार पर माखनलाल चतुर्वेदी की इस आदमकद प्रतिमा का अनावरण विदेश मंत्री सुषमा स्वराज्य और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था.

कुलपति प्रो. कुठियाला भी यह दृश्य रोजाना देखते है लेकिन उन्होने कभी भी होर्डिग के पीछे कैद दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा को आजाद करने के निर्देश नहीं दिये.
सुहृद तिवारी – छात्र जनसंचार विभाग

यूनिवर्सिटी में रोजाना फूलों से रंगोली बनायी जाती हैं, पर पुष्प की अभिलाषा के रचियता दादा माखनलाल विश्वविद्यालय में सम्मान रूपी फूल से कोसो दूर हैं.
शरद झा – छात्र इलेक्टॉनिक मीडिय़ा विभाग

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