चिंता की बात: गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी पाए जा रहे एड्स पीडि़त

संतोष शर्मा
विदिशा नवभारत न्यूज,

विदिशा जिले में एड्स के मरीज तेजी से मिल रहे हैं. वर्ष दर वर्ष इनमें वृद्धि देखने को मिल रही है. खास बात यह है कि गर्भवती महिलायें और बच्चे भी एचआईवी पॉजीटिव पाये जा रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों का जिले का रिकार्ड खंगाला जाये तो अब तक 197 मरीज एड्स के मिल चुके हैं, जो चिंता का विषय है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय में 14 अगस्त 2006 को एकीकृत परामर्श एवं जांच केन्द्र शुरू किया गया जहां के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2007 में जिले भर में एड्स के 6 मरीज मिले. वहीं वर्ष 2008 में यह संख्या बढक़र 8 हो गयी.

इसी तरह वर्ष 2009 में 15, वर्ष 2010 में 13, वर्ष 2011 में 23, वर्ष 2012 में 13, वर्ष 2013 में 12 और वर्ष 2014 में एड्स के 20 मरीज पाये गए. जबकि वर्ष 2015 में एड्स के मरीजों के मिलने की संख्या में काफी तेजी देखने को मिली और 37 मरीज एचआईवी पॉजीटिव पाये गये. वर्ष 2016 में 32 तथा वर्ष 2017 में 18 मरीज एचआईवी पॉजीटिव पाये गये हैं.

देह व्यापार के कारण लटेरी ब्लॉक में मिल रहे सबसे ज्यादा मरीज : जिले में 7 ब्लॉक विदिशा, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई, लटेरी, शमशाबाद और नटेरन हैं. इनमें लटेरी ब्लॉक से सबसे ज्यादा मरीजों के मिलने का सिलसिला देखने में मिल रहा है. जिसका कारण इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर देह व्यापार का चलना बताया जा रहा है.

जन जागरूकता के लिये कर रहे प्रयास: नोडल अधिकारी और काउंसलर ने बताया कि जिले में लगातार मिल रहे एड्स के मरीज चिंता का विषय है. इस लाइलाज बीमारी पर नियंत्रण करने के लिये हमारे द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं.

जिले के 12 शासकीय कॉलेजों में रेड रिबिन क्लब का गठन किया गया है, जहां एनएसएस से जुड़े विद्यार्थी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों में जागरूकता का संदेश देते हैं. वहीं 1 दिसम्बर एड्स दिवस और 12 जनवरी को युवा दिवस पर जनजागरूकता रैली आदि का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है.

मिल चुके हैं 197 मरीज

एड्स नोडल अधिकारी डॉ. पुनीत माहेश्वरी एवं आईसीटीसी काउंसलर श्रीमती ज्योति दुबे ने बताया कि वर्ष 2007 से वर्ष 2017 तक जिले में 197 मरीज मिले हैं. जिनमें 106 पुरूष और 54 महिलायें शामिल हैं.

खास बात यह है कि 23 गर्भवती महिलायें भी एचआईवी पॉजीटिव पाई गयी हैं. वहीं शून्य से 14 वर्ष तक के 14 बच्चे भी एचआईवी पॉजीटिव पाये गये. हालांकि पॉजीटिव गर्भवती माताओं के बच्चे निगेटिव पाये गये हैं.

एड्स नियंत्रण के लिये बनायेंगे नई कार्य योजना-सीएमएचओ

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. आर्य का कहना है कि एड्स पर नियंत्रण के लिये जिले में जन जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. वहीं नई कार्य योजना बनाकर उस पर अमल किया जायेगा.

जागरूकता कार्यक्रमों में लायेंगे तेजी-कलेक्टर

कलेक्टर अनिल सुचारी का कहना है कि एड्स पर नियंत्रण के लिये जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनके माध्यम से लोगों को समझाइश दी जाती है. एड्स पर नियंत्रण के लिये प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों में ओर तेजी लाई जायेगी.

 

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