कैंसर से जूझ रही मां की बेटे ने की अंतिम इच्छा पूरी

कोलकाता,

मां की आखिरी ख्वाहिश पूरी करने के लिए एक बेटे ने सात समंदर पार दुल्हन से स्काइप के जरिए शादी की. यही नहीं कैंसर से जूझ रही मां अपने बेटे की शादी देख सकें इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने विशेष प्रबंध किए.

कोलकाता में गुरुवार को रूबी जनरल अस्पताल के एक कमरे को वैवाहिक स्थल में बदल दिया गया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक बेटे ने तय किया कि वह अपनी मां की जिंदगी के आखिरी पड़ाव में उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करेंगे. इसके लिए उन्होंने विदेश में रह रही दुल्हन से स्काइप के जरिए शादी की.
अग्न्याशय कैंसर है भासमती को

33 वर्षीय भास्कर रॉय बरधान जो कि स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू यॉर्क में असिस्टेंट प्रफेसर हैं और चंद्रिमा चटर्जी यूएस में पीएचडी की स्टूडेंट हैं 15 दिसंबर को शादी करने वाले थे लेकिन भास्कर की मां भासवती अग्न्याशय कैंसर की आखिरी स्टेज में हैं.

वह एक हफ्ते से अस्पताल में भर्ती हैं और वहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. भास्कर का कहना है, मां को इस बात की हमेशा चिंता रहती थी कि वह अपने बेटे की शादी को देख पाएंगी या नहीं. इसकी वजह से हमने शादी के लिए 15 दिसंबर तक इंतजार नहीं किया.

गंभीर हालत में हैं भासमती

भास्कर ने कहा, मेरी मां बहुत कमजोर होने की वजह से कुछ बोल नहीं पा रहीं थीं. मैं उनके चेहरे पर मुस्कान और खुशी के आंसू देख सकता था. यह मेरे लिए और मेरी पत्नी के लिए आशीर्वाद था. डॉ अरिंदम चौधरी ने बताया, मरीज की हालत गंभीर है और वह अपने बेटे की शादी देखना चाहती थीं. इसकी वजह से अस्पताल ने सारे इंतजाम किए.

निभाईं गई रस्में

बता दें कि भास्कर की दुल्हन फि लहाल विदेश में हैं, जिसकी वजह से उन्होंने तय किया कि वे अस्पताल में ही स्काइप के जरिए शादी करेंगे. इसके बारे में उनकी मां को कुछ भी नहीं पता था. बरधान ने उन्हें बताया कि उनकी बहन जो कनाडा में रहती हैं और अब कोलकाता में हैं, वह वापस कनाडा जा रही थीं.

अस्पताल प्रबंधन ने एक कमरे का इंतजाम किया ताकि अन्य मरीजों को कोई दिक्कत न हो. इसके बाद भासमती को उस कमरे में शिफ्ट किया गया और उन्हें एक लैपटॉप दिया गया. दूल्हे ने अपनी मां को बताया कि अब वैवाहिक कार्यक्रम शुरू होने वाला है. स्काइप के जरिए दूल्हा-दुल्हन ने अपनी रस्में निभाते हुए वचन लिए.

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