menkaनयी दिल्ली,  महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने देश में विधवाओं की स्थिति पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुये आज कहा कि उनके जीवन में रंग घोलने की जरूरत है और सुलभ इंटरनेशनल यह कार्य बखूबी कर रहा है ।

श्रीमती गांधी ने विधवाओं की स्थिति पर सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिन्देश्वर पाठक द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन करने के बाद एक समारोह को सम्बोधित करते हुये कहा कि पति के निधन के बाद महिलाएं अचानक असहाय हो जाती हैं और उन्हें जीने के लिये बहुत सारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है । उन्होंने कहा कि वह खुद 23 वर्ष की आयु में विधवा हो गयी थी और जीने के लिये उन्हें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विधवाओं को लोग सम्मान की दृष्टि से देखें, इसके लिये व्यवस्था बदलने की जरूरत है ।

श्रीमती गांधी ने कहा कि उनका मंत्रालय वृन्दावन में विधवाओं के रहने के लिये 1000 कमरों के भवन का निर्माण करा रहा है जिसके दिसम्बर..जनवरी तक पूरा हो जाने की उम्मीद है । इस भवन के संचालन के संबंध में तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया गया है ।

उन्होंने डा. पाठक के कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिये । डा. पाठक को नोबेल पुरस्कार दिये जाने के लिये उन्होंने कई बार सिफारिश भी की थी लेकिन अब तक उन्हें यह पुरस्कार नहीं मिला है । उन्होंने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक ने न केवल विधवाओं के जीवन को रंगीन बनाया है बल्कि उनके प्रति लोगों का नजरिया भी बदला है ।

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