High_Courtजबलपुर, 20 अप्रैल. दिग्विजय सिंह के शासनकाल में विधानसभा में हुई अवैध नियुक्तियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गयी है. पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष श्री निवास तिवारी सहित 17 व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है.

प्रकरण में अभियुक्त बनाये गये प्राचार्य यज्ञ नारायण शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जस्टिस शचिंद्र द्विवेदी की जांच रिपोर्ट की वैधानिकता को चुनौती दी है. सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र मेनन की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. युगलपीठ ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा है.

प्रकरण में आरोपी बनाये गये प्राचार्य यज्ञ नारायण शर्मा की तरफ से दायर की गयी याचिका में जस्टिस शचिंद्र द्विवेदी की जांच कमेटी की वैधानिकता को चुनौती दी गयी थी. इसके अलावा याचिका में यह भी कहा गया था कि वह जांच में पूर्ण रूप से सहयोग प्रदान करेंगे. युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए यह निर्देश जारी किये है कि प्रकरण में संबंध में उनसे पूछताछ की जा सकती है.

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