श्योपुर,  भाजपा विधायक दुर्गालाल विजय के पीएसओ (गनर) सुरेन्द्र मेहरा की पिस्टल से अचानक चली गोली दो युवको को जा लगी, जिससे दोनों युवक घायल हो गये। उन्हें इलाज के लिए कोटा रैफर किया गया है। पुलिस ने आरोपी गनर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना गुरुवार दोपहर की है, जब सलापुरा बस्ती में रहने वाला एसएएफ का जवान और विधायक का गनर सुरेन्द्र मेहरा अपने पड़ौसियों के साथ होली की मस्ती में डूबा था। उसके पड़ौसी मुकेश माहौर और बाबूलाल मीणा को वह बात करते करते पिस्टल दिखाने लगा। इसी दौरान एक गोली चल गयी जो बाबूलाल के कंधे से पार होकर मुकेश के सीने में जा धंसी।

गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुँचे लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलो को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इला के लिए कोटा भेजा गया है। वहीं घायल मुकेश की हालात नाजुक बताई जा रही है। एसडीओपी जयराज कुबेर ने बताया कि घायलों को उचित इलाज के लिए कोटा भेजा गया है। साथ ही आरोपी गनर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है की नशे में पिस्टल से देखते-देखते गोली चली है। मामले में कार्रवाई जारी हैं। क्षेत्रीय विधायक दुर्गालाल विजय के पीएसओ से गोली चलने के मामले ने शुक्रवार को तूल
पकड़ लिया।

घायलों के परिजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर पुलिस पर केस में लीपापोती करने का आरोप लगाया। बाबूलाल मीणा की पत्नी सावित्री बाई का आरोप है कि आरोपी सुरेंद्र मेहरा ने कहासुनी होने के बाद जान लेने के मकसद से तीन गोलियां चलाई है। गोली उसके पति बाबूलाल के कंधे को पार करती हुई मुकेश माहौर के सीने में जा धंसी। मुकेश की बहन संतोष माहौर का कहना था कि जानकारी नहीं होने के बावजूद पुलिस ने घटना में मुझे फरियादी बना दिया। जबकि वह न तो घटना स्थल पर मौजूद थी और न ही उसे कोई जानकारी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता मूलचंद रावत भी मौजूद थे। रावत ने पूरे केस मेें पुलिस पर विधायक दुर्गालाल विजय के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
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