modiनई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धारदार भाषण के तुरंत बाद राज्यसभा में केंद्र सरकार को गहरा झटका झेलना पड़ा. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष का संशोधन भारी बहुमत से पारित हो गया और सरकार को करारी हार झेलनी पड़ी. कांग्रेस इसे अपनी राजनीतिक जीत बता रही है.

इस संशोधन के पारित होने से हरियाणा और राजस्थान में पंचायत और नगरपालिका चुनावों में प्रत्याशियों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय करने के फैसले को भी झटका लगा है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अभिभाषण में एक पंक्ति जोडऩे का संशोधन पेश किया था. इसमें कहा गया है कि यह सरकार सभी नागरिकों के हर स्तर पर चुनाव लडऩे के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

संशोधन पारित होने के बाद यह पंक्ति राष्ट्रपति के अभिभाषण में जोड़ दिया जाएगा. धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री के उत्तर के बाद संशोधनों पर चर्चा के दौरान मतदान में सरकार को 61 और विपक्ष को 94 मत मिले. संशोधन 33 मतों से पारित हो गया. संशोधन में हरियाणा और राजस्थान का जिक्र नहीं है. सदन के नेता अरुण जेटली और संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने उप सभापति से अपील करते हुए कहा कि यह राज्य का मामला है. इसलिए इस संशोधन को स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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