viratनई दिल्ली,  क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप ट्वेंंटी 20 को आमतौर पर चौकों छक्कों का खेल माना जाता है और दर्शक भी इसी अंदाज को पसंद करते हैं लेकिन इस प्रारूप में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट की शास्त्रीय शैली को साबित किया है. यह मानना है विराट के कोच राजकुमार शर्मा का.
राजकुमार का कहना है कि अगर खेल में तकनीक को ठीक रखा जाए तो किसी भी फार्मेट में रन बनाये जा सकते हैं. कोच ने कहा मेरे हिसाब से टेस्ट क्रिकेट ही असली क्रिकेट है और इस शैली में खेलते हुये आप किसी फार्मेट में सफल हो सकते हैं. विराट ने इस तथ्य को अपनी बल्लेबाजी से पूरी तरह साबित किया है.

राजकुमार ने नयी खेल पत्रिका खेल टुडे के साथ एक साक्षात्कार में यह बात कही. पत्रिका का बुधवार को यहां विमोचन होना है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन चौहान और सुरेंद्र खन्ना , भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता, पावरलिफ्टिंग के द्रोणाचार्य अवार्डी भूपेंद्र धवन, ओलंपिक के लिये क्वालिफाई कर चुकी टेबल टेनिस खिलाड़ी मणिका बत्रा, जूनियर हाकी टीम के कोच हरेंद्र सिंह, कुश्ती कोच यशवीर सिंह और ट्वेंटी 20 महिला विश्वकप में भारतीय टीम की मैनेजर रहीं सुनीता शर्मा पत्रिका का विमोचन करेंगे.

भारतीय टेस्ट कप्तान और आईपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलुरू टीम के कप्तान विराट के प्रदर्शन में निखार लाने के लिये राजकुमार हमेशा उन पर मेहनत करते रहते हैं. कोच ने कहा विराट अपने खेल और फिटनेस दोनों पर मेहनत करते हैं. भारतीय टीम को जिस देश का दौरा करना होता है वह उसी के हिसाब से अपना अभ्यास करते हैं. यदि उन्हें आस्ट्रेलिया जाना है तो वह कूकाबूरा गेंदों से अभ्यास करते हैं और यदि इंग्लैंड का दौरा हो तो घसियाली पिचों पर अभ्यास करते हैं. विराट की फिटनेस के प्रति लगन पर कोच ने कहा वह जिम में पसीना बहाने के साथ-साथ अपने खाने पीने पर विशेष ध्यान देता है.

जब वह शुरूआत में मेरे पास आया था तो खाने का बहुत शौकीन था और उसे नॉनवेज बहुत पसंद था. लेकिन पिछले दो तीन वर्षों में उसने अपना लाइफ स्टाइल ही बदल डाला है. वह घी तेल और मीठे से दूरी रखता है और उबला तथा ग्रिल खाना ही खाता है. मैदान पर चमकने के लिये उसने काफी त्याग किया है और इस कारण ही उसकी फिटनेस सुधरी है.